य़ूपी: बहराइच में तेजी से फैली महामारी, 22 बच्चे बीमार, 6 की हालत नाजुक
बहराइच के गांवों में खसरे की महामारी फैली है। कई बच्चे बीमार हैं और सरकार की स्वास्थ्य सेवा उन तक नहीं पहुंच पाई है।
बहराइच। तराई में मौसम परिवर्तन के साथ ही खसरा तेजी से फैल रहा है। नानपारा तहसील अंतर्गत विकास खंड नवाबगंज के सरवनतारा और देवरा गांव में खसरे की बीमारी से संघर्ष कर रहे हैं। 22 बच्चे बीमार हैं। 6 की हालत नाजुक बताई जा रही है। सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची है। जिसके चलते बीमार बच्चों के परिवारीजन काफी परेशान हैं।

तराई में बदल रहा मौसम खसरे का संवाहक बन गया है। सरवनतारा और देवरा गांव का कोई ऐसा परिवार नहीं होगा जहां परिवार का कोई न कोई सदस्य खसरा व अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में न हो। हालात यह है कि लोगों को तेज बुखार के साथ शरीर पर दाने निकल रहे हैं। यह दानें पककर जख्म का रूप ले रहे हैं। जिसके चलते रोगी असहनीय पीड़ा से कराहते दिख रहे हैं। इनमें अधिकांश बालक और किशोरवय शामिल हैं।

गांव निवासी राजितराम, फौजदार और केशवराम का कहना है कि परिवार के सदस्यों के खसरा पीड़ित होने की जानकारी दो दिन पहले हुई है। इस मामले में बाबागंज स्वास्थ्य केंद्र, नानपारा सीएचसी और सीएमओ कार्यालय को सूचना दी गई है। लेकिन अब तक कोई भी स्वास्थ्यकर्मी गांव नहीं पहुंचा है। जिसके चलते माही, शिवा, उमेश, श्वेता, मर्री और अनुराग की हालत नाजुक बताई जा रही है। स्थानीय डॉक्टरों से जैसे-तैसे इलाज चल रहा है। लेकिन लाभ नहीं हो सका है।
इस मामले में बाबागंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चित कुमार श्रीवास्तव स्वीकार करते हैं कि सूचना मिली है। लेकिन टीम क्यों नहीं भेजी गई, इस बात पर चुप्पी साध गए। सिर्फ ये कहा कि व्यवस्था करेंगे।
संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की टीम करेगी कैंप
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण लाल ने कहा कि देवरा और सरवनतारा गांव में खसरा फैलने की जानकारी नहीं थी। अब पता चला है। संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष की टीम गांव भेजी जा रही है। चिकित्सक दोनो गांव में कैंप कर रोगियों का इलाज करेंगे। जिन रोगियों की हालत गंभीर होगी। उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।












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