INDIA bloc को मायावती ने यूं दिखाया आईना, सपा का हवाला देकर कह दी बड़ी बात
बसपा सुप्रीमो मायावती ने 28 विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक को बहुत ही सधे हुए अंदाज में भविष्य की राजनीति को लेकर बड़ा संकेत दे दिया है। ऐसा करने के लिए वो समाजवादी पार्टी का उदाहरण देने से भी नहीं चूकी हैं।
दरअसल, पिछले दिनों बसपा के अंदर से भी और इंडिया ब्लॉक में शामिल पार्टियों की ओर से भी मायावती की पार्टी को विपक्षी गठबंधन का हिस्सा बनाए जाने की वकालत की गई है। जबकि, जानकारी के मुताबिक समाजवादी पार्टी की ओर से इसके लिए इंडिया ब्लॉक को सख्त शब्दों में मना कर दिया गया है।

भविष्य की राजनीति के लिए मायावती का स्टैंट साफ!
बता दें कि बसपा की ओर से गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके भविष्य की राजनीति को लेकर अपना स्टैंड साफ किया गया है। इसमें मायावती की ओर से जो कुछ कहा गया है, उसमें इंडिया ब्लॉक के लिए तो सीधा संदेश छिपा ही हुआ है, बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए से भी कुछ कहने की कोशिश की गई लगती है।
'कब किसको, किसकी जरूरत पड़ जाए......'
इसके मुताबिक, 'बीएसपी समेत अन्य जो दल विपक्षी गठबंधन में शामिल नहीं हैं, उनके बारे में कोई भी बेफिजूल की टीका-टिप्पणी करना उचित नहीं है...क्योंकि भविष्य में देश और जनहित में कब किसको, किसी की जरूरत पड़ जाए, कुछ भी नहीं कहा जा सकता....'
बसपा सुप्रीमो की ओर से आगे कहा गया, '...तब उन्हें शर्मिंदगी न उठानी पड़े....वैसे इस मामले में खासकर समाजवादी पार्टी खासकर इसका जीता-जागता उदाहरण है।'
इंडिया ब्लॉक और एनडीए दोनों से समान दूरी की कह चुकी हैं बात
इससे पहले मायावती 2024 के लोकसभा चुनावों में विपक्षी गठबंधन इंडिया और बीजेपी की अगुवाई वाले सत्ताधारी गठबंधन एनडीए में से किसी के साथ तालमेल की संभावनाओं को खारिज करते हुए अकेले चुनाव लड़ने की बात कही थी। उनके मुताबिक इन गठबंधनों में शामिल पार्टियां 'गरीब-विरोधी, जातिवादी, सांप्रदायिक और अमीरों की हितैषी' हैं।
कांग्रेस के मंसूबों के बीच आया बसपा का बयान
हाल के दिनों में ऐसी मीडिया रिपोर्ट आई हैं कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में बसपा के साथ तालमेल करना चाहती है। लेकिन, इसपर अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी की ओर से कड़ा विरोध जताए जाने की बात कही जा रही है। मायावती की ताजा प्रतिक्रिया उसी से जुड़ा लग रहा है।
बीएसपी के अंदर से भी उठी है इंडिया ब्लॉक में शामिल होने की मांग
वैसे बीते मंगलवार को ही बसपा सांसद श्याम सिंह यादव ने 2024 के लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी के इंडिया ब्लॉक में शामिल होने की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि अगर उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल गठबंधन करके चुनाव लड़ेंगे तो भारतीय जनता पार्टी को 'अच्छी टक्कर' दी जा सकती है। हालांकि, उन्होंने अंतिम फैसला मायावती पर छोड़ते हुए इसे अपनी निजी राय बताया था।
2022 के चुनाव में यूपी में बीएसपी का हुआ था बुरा हाल
अगले साल होने वाला लोकसभा चुनाव बहुजन समाज पार्टी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि, 2022 के यूपी विधानसभा चुनावों में पार्टी सिर्फ 1 सीट जीती थी और इसका वोट शेयर घटकर महज 12.8 फीसदी रह गया था, जो कि इसका अबतक का सबसे बुरा प्रदर्शन है।
2019 के लोकसभा चुनाव में इसने सपा के साथ सारी दुश्मनी मिटाकर हाथ मिलाया था और 10 सीटें जीत ली थी। जबकि, 2014 के मोदी लहर में अकेले खाता भी नहीं खोल पायी थी। वहीं 2009 में पार्टी यूपी में 20 सीटें जीती थी।












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