मायावती ने खुद बताया, क्यों धीरे-धीरे और पेपर से पढ़कर देती हैं भाषण
मायावती की भाषण-शैली को लेकर विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया पर काफी मजाक बनाया जाता रहा है। कहा जाता है कि वो पर्चा देखकर भाषण पढ़ती हैं और जनता सो जाती है।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान कई दफा विपक्षी नेताओं ने बसपा सुप्रीमो मायावती की भाषण-शैली को लेकर उनका मजाक उड़ाया था। कहा गया कि वो पर्चा देखकर भाषण पढ़ती हैं और जनता सो जाती है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी कुछ कहा गया, अब खुद मायवाती ने बताया है कि पर्चा देखर और जोर से भाषण ने पढ़ने के पीछे क्या वजह है।


ऑपरेशन का वजह से धीरे देती हैं भाषण
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद मायावती ने शुक्रवार को बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती के मौके पर प्रेस वार्ता के दौरान मायावती ने अपने भाषण देने के अंदाज को लेकर खुलासा किया।
मायावती ने बताया कि 1996 में उनके गले का बड़ा ऑपरेशन हुआ था और पूरी तरह खराब हो चुका एक 'ग्लैण्ड' डॉक्टरों ने निकाल दिया था। उन्होंने कहा कि बिना लिखा भाषण देने में ऊंचा बोलना पड़ता है लेकिन डॉक्टरों ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी है, इसीलिए लिखा हुआ भाषण ही पढ़ती हूं।

भाजपा पिछड़ों की हितैषी नहीं
इस दौरान मायावती ने भाजपा के पिछड़ा प्रेम को छलावा बताते हुए कहा कि भाजपा ने मंडल कमीशन का विरोध किया था। वीपी सिंह की सरकार गिरा दी थी और अब वही पार्टी खुद को पिछड़े वर्ग का हितैषी बता रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा आरएसएस के एंजेडे पर काम कर रही है और दलितों, पिछड़ों के लिए उसका प्रेम महज एक दिखावा है।

चुनाव में किया गया हमारे खिलाफ दुष्प्रचार
मायावती ने कहा कि चुनावों के दौरान बसपा के सबसे ज्यादा मुसलमानों को टिकट देने की बात पर दुष्प्रचार किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पाकिस्तान बन जाएगा जैसे नारे देकर भाजपा ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण किया। मायावती ने कहा कि जब हमारी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ बनी थी, तब भी कई मुसलमान जीत कर आये थे तो क्या हमने यूपी को पाकिस्तान बना दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ले तीन तलाक पर फैसला
मायावती ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल बोर्ड तलाक पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को न्याय नहीं दे पा रहा है। इसलिये सुप्रीम कोर्ट जल्द ही इस पर फैसला ले। वहीं उत्तर प्रदेश चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी पर उन्होंने एक बार फिर कहा कि भाजपा जिन 250 सीटों पर कमजोर थी, उन पर मशीनों से छेड़छाड़ की गई। साथ ही मायावती ने आने वाले चुनावों में सपा से गठबंधन के भी संकेत दिए।

भाई को बनाया बसपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
मायावती ने अंबेडकर जयंती पर आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम में अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित किया है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में हमेशा नि:स्वार्थ भावना से काम करता रहेगा। इसी शर्त पर उसे पार्टी का उपाध्यक्ष बना रही हूं। मायावती ने कहा कि वो समझती हैं, आनंद किसी पद के लालच में नहीं बल्कि पार्टी के हित में काम करेगा।












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