वृद्धावस्था पेंशन की उम्मीद में चार दिन से भूखी है ये बुजुर्ग महिला, भगा देते हैं योगी सरकार के अधिकारी!
मथुरा। चेहरे पर झुर्रियां, बुढ़ापे में सर के बाल पक कर सफेद हो चुके हैं। आंखों से दूर का साफ दिखाई नहीं देता और सुनाई भी कम पड़ता है। उम्र करीब 80 के पार है और इस उम्र में कोई सहारा नहीं है। गुजर-बसर के लिए केवल एक पेंशन की ही आस है। इस भीषण गर्मी में वृद्धावस्था पेंशन मिलने की उम्मीद लिए 4 दिनों से बिना कुछ खाए एक बुजुर्ग महिला राजीव भवन में समाज कल्याण अधिकारी के दफ्तर के इर्द-गिर्द बैठी दिखाई दे जाती है। सरकारी ऑफिसों के बाहर जब ऐसा नजारा देखने को मिलता है तो सरकारी मशीनरी सीनियर सिटीजन को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर कितने संजीदा हैं इसका सहजता से अंदाजा लग जाता है। भले ही सरकार लाख दावे करें लेकिन सरकारी योजनओं का लाभ धरातल पर जरूरतमंद लोगों को कितना मिल रहा है साफ हो जाता है।

जानकारी के मुताबिक वृंदावन के गांव देवी आटस निवासी अनारो की उम्र करीब 80 वर्ष के आस-पास है। अनारो पिछले करीब 4 दिनों से राजीव भवन स्थित समाज कल्याण ऑफिस के इर्द-गिर्द बैठी हुई देखी जा सकी है। कोई जब राह चलता जब पूछता है कि क्यों आईं है तो बताती हैं पेंशन के लिए लेकिन वहीं जब उनसे खाने-पीने के बारे में कोई पूछता है तो आंखों में आंसू भर लाती हैं और रो देती हैं। अनारो से जब पूछा गया कि वह यहां पिछले 4 दिनों से बिना कुछ खाए क्यों पड़ी हैं तो उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन के लिए आई हैं लेकिन अधिकारी उनकी नहीं सुन रहे हैं।
अनारो ने बताया कि पहले भी वे यहां आई थीं तो कहा गया था कि 4 महीने की पेंशन इकट्ठा मिलेगी लेकिन नहीं मिली। कई बार ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी से भी बोला लेकिन कोई सुनता ही नहीं। बुढ़ापे में गुजारा करने के लिए केवल एक पेंशन की ही आस है दूसरा कोई सहारा भी नहीं। अनारो का कहना है कि जब वे अधिकारी से पेंशन के लिए कहती हैं तो वे उन्हें यहां से जाने के लिए बोल देते हैं और कहते हैं कि 2-4 महीने में पेंशन मिल ही जाएगी। कुछ ऐसी ही हालत अन्य बुजुर्गों की भी यहां देखने को मिली जो वृद्धावस्था पेंशन के लिए समाज कल्याण ऑफिस के महीनों से चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
वहीं शास्त्रीपुरम से आई एक अन्य वृद्ध महिला शांति ने बताया कि पेंशन के लिए आई हैं। पहले होली के आस-पास मिली थी 12 सौ रुपए अब नहीं मिली तो यहां आए हैं। इससे पहले ढाई साल पहले पेंशन मिली थी। शांति का कहना था कि अधिकारियों से कहते हैं लेकिन कोई सुनता ही नहीं। राजकुमारी नाम की महिला ने बताया कि उन्हें भी करीब 6 माह से पेंशन नहीं मिली है और वे शिकायत लेकर आई हैं। उन्हौने बताया कि अब बुढ़ापे में औलाद साथ नहीं दे रही और एक पेंशन की आस है तो अधिकारी नहीं सुनते। वहीं बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन मिलने में हो रही देरी को लेकर जब जिला समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने स्टाफ और संसाधनों की कमी की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया।












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