मथुरा: वैलेंटाइन डे मनाने कृष्ण बिहारी की शरण में पहुंचे प्रेमी जोड़े
प्रेमियों का ये त्यौहार दुनिया में अलग-अलग तरह से मनाया है। वहीं, भारत में भगवान कृष्ण की लीला स्थली वृन्दावन में इस दिन को मनाने वालों की भी कोई कमी नहीं है।
Uttar Pradesh
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By Arvind Kumar
मथुरा। वैलेंटाइन डे जिसे 14 फ़रवरी को अनेकों लोगों द्वारा दुनिया भर में मनाया जाता है। अंग्रेजी बोलने वाले देशों में ये एक पारंपरिक दिवस है जिसमें प्रेमी एक-दूसरे के प्रति अपने प्रेम का इजहार वैलेंटाइन कार्ड भेजकर, फूल देकर या मिठाई आदि देकर करते हैं। प्रेमियों का ये त्यौहार दुनिया में अलग-अलग तरह से मनाया है। वहीं, भारत में भगवान कृष्ण की लीला स्थली वृन्दावन में इस दिन को मनाने वालों की भी कोई कमी नहीं है। यहां भगवान की नगरी में वैलेंटाइन डे मनाने वाले ऐसे ही कुछ जोड़ो से जानते हैं कि उन्होंने भगवान कृष्ण की नगरी को ही वैलेंटाइन डे के लिए क्यों चुना।
बताया जाता है कि जब भगवान श्री कृष्ण महारास करते थें तो महारास के प्रेम में वसिभुत होकर बंशी की धुन पर गोपियां नाचने को मजबूर हो जाती थी। वहीं, भगवान कृष्ण भी प्रेम के वश में होकर गोपियों सहित राधा के प्रेम लीन होकर गोपियों की हर बात मान कर उनके कहे अनुसार लीला करते थे। जब राधा महारास करते हुए थक गयी थी तो यहीं भगवान कृष्ण ने राधा के चरण दबाकर राधा जी की सेवा की थी। यही वजह है कि भक्त दूर-दूर से आकर भगवान के उसी प्रेम को अपने जीवन में लेने के लिए यहां आकर अपने सुखद जीवन की कामना करते हैं।
निधिवन में आये श्रद्धालुओं से जब एक श्रृद्धालु अभिनव से बात की गयी तो उनका कहना था कि वे वैलेंटाइन डे मनाने भगवान की शरण में आए हैं क्योंकि ये उनके संस्कार है और उन्ही को मानते हुए 14 फरवरी को वे पति-पत्नी वृन्दावन आये हैं। उनका ये भी कहना है कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि लोग आज के दिन अलग अलग जगह पर वैलेंटाइन डे मनाने के लिए जाते हैं, लेकिन वे अपने को बड़ा सौभाग्यशाली मानते है कि उन्हें भगवान श्री कृष्ण ने अपने पास बुलाया है। भगवान की शरण में आने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और अमन को शांति और सुकून मिलता है। ये भी पढ़ें: वैलेंटाइन- डे: जब लोगों ने 'किस डे' को कहा 'हैप्पी इमरान हाशमी डे'