पीएम मोदी के नाम पर हुए फर्जीवाड़े में फंसी सैकड़ों महिलाएं
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर फर्जी अफवाह फैलाकर महिलाओं से आधार कार्ड समेत बैंक डिटेल्स मांगे गए। इस फर्जी योजना का लाभ उठाने सैकड़ों महिलाएं डाकघर में पहुंचीं।
हरदोई। 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के नाम पर दो लाख रुपए मिलने की अफवाह पर हरदोई के पोस्टऑफिस में फॉर्मों की रजिस्ट्री करने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बाद में जब इस तरह के फर्जी आवेदनों की जानकारी प्रशासन को हुई तो अधिकारियों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फॉर्म जमा न करने के लिए महिलाओं को समझाया। तब तक डाक विभाग में भारत सरकार के बाल विकास महिला कल्याण मंत्रालय के नाम पर हजारों रजिस्ट्री हो चुकी थी।
डाकघर में मची अफरातफरी
उत्तरप्रदेश के हरदोई जिले में मुख्य डाकघर में फॉर्म रजिस्ट्री करने आई महिलाओं की भीड़ से अफरातफरी मच गई। दरअसल ये महिलायें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नाम पर भारत सरकार के बाल विकास एवं महिला कल्याण मंत्रालय द्वारा दो लाख रुपए दिए जाने के नाम पर यहाँ जुटी थी। शहर में फुटपाथ पर इसके लिए बिक रहे फॉर्म को यह महिलायें भरकर यहाँ रजिस्ट्री करने आयी थीं।
पोस्टऑफिस में जुटी भीड़ को देखकर प्रशासन हैरान
प्रधानमंत्री के नाम पर इस फर्जी अफवाह के बाद पोस्टऑफिस में जब अफरातफरी मची तो जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरा मामला जानकार हैरान रह गए। अधिकारियों ने महिलाओं को इस तरह की कोई योजना ना होने की बात कही लेकिन महिलायें बिना रजिस्ट्री किये जाने को तैयार नहीं थी। उसके बाद पुलिस को बुलाकर किसी तरह महिलाओं को डाकघर से निकाला गया लेकिन तब तक इस अफवाह के नाम पर डाकघर में हजारों रजिस्ट्री हो चुकी थीं।
बाईट - ममता, आवेदिका
मामले की हो रही है जांच
आवेदन में महिलाओं से आधार कार्ड, उनके बैंक डिटेल्स समेत कई जानकारियां भी मांगी गयी थी। फिलहाल पूरा प्रशासन प्रधानमंत्री के नाम पर दो लाख रुपए दिए जाने वाले फॉर्म की बिक्री और रजिस्ट्री से हैरान है और उसे यह समझ में नहीं आ रहा है कि किस मनसूबे को पूरा करने के लिए ऐसी अफवाह फैलाई जा रही है और अफवाह फैलाने वालो का क्या मकसद है? पुलिस-प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि इस पूरे गड़बड़झाले के लिए कौन जिम्मेदार है?
बाईट -- जय दीप सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी, हरदोई












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