बड़ी खबर: यूपी के CM होंगे मनोज सिन्हा, बस औपचारिक ऐलान बाकी
मनोज सिन्हा के नाम पर पार्टी के अंदर आम सहमति बन गई है। पीएमओ की तरफ से मनोज सिन्हा के नाम पर सहमती जता दी गई है और मुरली मनोहर जोशी के जरिए ये जानकारी संघ को भी दे दी गई है।
लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत पाने के बाद से ही मुख्यमंत्री के नाम को लेकर भारतीय जनता पार्टी के अंदर माथापच्ची हो रही थी। इस रेस में केंद्रीय मंत्री से लेकर कई बड़े-बड़े नेताओं के नाम सामने आ रहे थे। लेकिन अब एक बड़ी खबर आ रही है और वो ये है कि मनोज सिन्हा के नाम पर पार्टी के अंदर आम सहमति बन गई है। पीएमओ की तरफ से मनोज सिन्हा के नाम पर सहमती जता दी गई है और मुरली मनोहर जोशी के जरिए ये जानकारी संघ को भी दे दी गई है। जानकारी के मुताबिक मनोज सिन्हा के नाम पर शनिवार को औपचारिक ऐलान हो जाएगा। आपको बता दें कि 19 मार्च को पीएम मोदी की मौजूदगी में दोपहर करीब सवा दो बजे उत्तर प्रदेश की नई सरकार शपथ लेगी।

BHU से आईआईटी हैं और रह चुके हैं छात्रसंघ अध्यक्ष
मनोज सिन्हा का जन्म 1 जुलाई, 1959 को यूपी के गाज़ीपुर जिले के मोहम्मदाबाद के मोहनपुरा गांव के साधारण परिवार में जन्म हुआ। BHU से बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की। मनोज सिन्हा बीएचयू छात्रसंघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 1989-96 तक बीजेपी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य रहे।

पीएम मोदी और अमित शाह के विश्वासप्राप्त
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के विश्वासप्राप्त माने जाते हैं। पीएम मोदी और मनोज सिन्हा के बीच संबंध आरएसएस के दिनों से है। जब मोदी प्रचारक थे तब मनोज सिन्हा के गांव गाजीपुर आते थे। पीएम मोदी जब गुजरात के सीएम थे तब वह मनोज सिन्हा का प्रचार करने गाजीपुर आए थे।

1996 में पहली बार पहुंचे संसद
1996 में पहली बार गाजीपुर से लोकसभा का चुनाव जीता। 1999 में भी गाजीपुर से बीजेपी सांसद बने। 2014 में गाजीपुर से लोकसभा का चुनाव जीता और मोदी सरकार में मंत्री बने। नकी साफ सुथरी छवि और रेल मंत्रालय में बढ़िया काम की वजह से प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2016 में कैबिनेट में बदलाव के दौरान दूरसंचार मंत्रालय की भी जिम्मेदारी उन्हें दी। मनोज सिन्हा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश विशेषकर वाराणसी के विकास के लिए काफी काम किया है।

इमानदार छवि के नेता हैं मनोज सिन्हा
मनोज सिन्हा की सबसे बड़ी ताकत उनकी मिस्टर क्लिन की इमेज है। उन पर किसी तरह का आरोप नहीं लगा है। भ्रष्टाचार मुक्त छवि होना ही उन्हें सीएम पद के लिए दावेदार बनाया और अब वो सीएम भी होने जा रहे हैं। उनकी क्लीन इमेज और अविवादित छवि उन्हें पार्टी प्रेसिडेंट अमित शाह और पीएम मोदी का प्रिय बनाती है।

आजातशत्रु कहे जाते हैं मनोज सिन्हा
सिन्हा अजातशत्रु कहे जाते हैं। पॉलिटिक्स में ऐसे नेता विरले होते हैं। ना पार्टी के भीतर उनका कोई दुश्मन हैं ना बाहर। पूरी पार्टी में सबसे दोस्ताना रिलेशन उनकी बड़ी ताकत है। काम के प्रति उनका समर्पण, मिलनसार स्वभाव और विनम्रता उन्हें सबके बीच लोकप्रिय बनाती है। बीजेपी की टॉप और इंटरनल लीडरशिप में उनके प्रति जबर्दस्त कॉन्फिडेंस है।












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