'तो कद नहीं घट जाता है'......बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी से छुट्टी के बाद पहली बार बोलीं मेनका गांधी
सुल्तानपुर, 11 अक्टूबर: भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि वो बीजेपी में 20 वर्षों से हैं और संतुष्ट हैं। मेनका के मुताबिक कार्यकारिणी में कई और वरिष्ठ नेता भी नहीं शामिल किए गए हैं, इसका मतलब ये नहीं होता कि किसी का कद घट जाता है। गौरतलब है कि हाल ही में घोषित भाजपा के 80 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मेनका गांधी और उनके सांसद बेटे वरुण गांधी को जगह नहीं दी गई है। खासकर वरुण गांधी किसान आंदोलन और लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर अपनी पार्टी पर हमलावर रहे हैं।
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'मैं बीजेपी में 20 वर्ष रहकर संतुष्ट हूं'
यूपी के सुल्तानपुर से भाजपा सांसद मेनका गांधी ने सोमवार को कहा है कि वह 20 वर्षों से पार्टी में रहकर संतुष्ट हैं और कार्यकारिणी में शामिल नहीं होने से उनका कद नहीं घट जाता है। उन्होंने कहा है कि 'मैं बीजेपी में 20 वर्ष रहकर संतुष्ट हूं। कार्यकारिणी में नहीं रहने से किसी का कद नहीं घट जाता है। मेरा पहला धर्म है सेवा करना। यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि मैं लोगों के दिलों में जगह बनाऊं।' मेनका ने खुद के और उनके बेटे पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए यह प्रतिक्रिया जाहिर की है। इससे पहले उनकी भविष्य की राजनीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं।

'नए लोगों को भी मौका मिलना चाहिए'
बीजेपी की वरिष्ठ नेता दो दिनों के दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र में हैं। मेनका ने जोर देकर कहा है कि 'कई और वरिष्ठ नेता हैं, जिन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह नहीं मिली है। नए लोगों को भी मौका मिलना चाहिए। मुझे अपनी जिम्मेदारियों के बारे में पता है और अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा मेरी पहली ड्यूटी है।' बीजेपी ने हाल ही में 80 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की है, जिसमें तीन कृषि कानूनों पर प्रदर्शनकारी किसानों के प्रति सहानुभूति रखने वाले वरुण गांधी और बीरेंद्र सिंह जैसे नेताओं को जगह नहीं दी गई है और मेनका गांधी को भी उससे अलग रखा गया है। जबकि, कई नए और युवा चेहरों को उसमें शामिल किया गया है।

वरुण गांधी लखीमपुर की घटना पर मुखर हैं
गौरतलब है कि जेपी नड्डा की अगुवाई वाली बीजेपी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा ऐसे समय में की है, जब प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में 4 प्रदर्शनकारी किसानों समेत 8 लोग मारे गए हैं। मरने वालों में तीन भाजपा के और एक पत्रकार भी शामिल हैं। इस घटना के बाद वरुण गांधी ने ट्विटर पर एक वीडियो डालकर टिप्पणी की थी कि प्रदर्शनकारियों को इस तरह से शांत नहीं किया जा सकता । उन्होंने ट्विटर पर लिखा था 'वीडियो साफ है। प्रदर्शनकारियों को हत्या के जरिए चुप नहीं कराया जा सकता। बेगुनाह किसानों के खून के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। अहंकार और क्रूरता की भावना प्रवेश करने से पहले हर किसान को न्याय दिया जाना चाहिए।' उस वीडियो में एक एसयूवी प्रदर्शनकारी किसानों को रौंदती दिख रही है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की कर चुके हैं मांग
उन्होंने फौरन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी चिट्ठी लिखकर संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच करने की भी मांग की थी। तब से लेकर वरुण और मेनका गांधी की नई राजनीतिक पारी को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मेनका गांधी पीएम मोदी के पिछले कार्यकाल तक कैबिनेट मंत्री थीं, लेकिन इस बार उन्हें मंत्रिमंडल से अलग रखा गया है।












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