भांजे की मोहब्बत का मामा भी हुआ शिकार, पंचायत ने दोनों का किया मुंडन
उसके बाद प्रेमी और उसके मामा के साथ मारपीट के बाद दोनों के सिर का मुंडन करा दिया गया। मुंडन के बाद मामा-भांजे को सरेआम पूरे गांव में घुमाने की भी सजा दी गई।
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में एक प्रेमी को ग्राम पंचायत द्वारा तालिबानी सजा देने का एक मामला सामने आया है। जिसमें पंचायत द्वारा प्रेमी और उसके मामा को सजा के रूप में जूतों से पीटा गया और उसके बाद प्रेमी और उसके मामा का मुंडन करा दिया गया। घटना के बाद पूरे मामले की सूचना के बाद पुलिस ने गांव में जाकर केवल औपचारिकता पूरी की और इस तालिबानी सजा के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई तो नहीं की बल्कि पंचायत के तालिबानी फरमान के सामने नतमस्तक और हो गई।

दरअसल मामला मंसूरपुर थाना क्षेत्र के दिल्ली-देहरादून हाईवे पर स्थित गांव बेगराजपुर का है। जहां पर एक युवक को पंचायत ने प्यार के खिलाफ ऐसी तालिबानी सजा सुनाई जिसे सुनने के बाद मानवता भी शर्मसार हो जाए। युवक और उसके मामा को सरेआम पहले पंचायत में बुलाकर अपमानित किया गया। उसके बाद प्रेमी और उसके मामा के साथ मारपीट के बाद दोनों के सिर का मुंडन करा दिया गया। मुंडन के बाद मोनू प्रेमी और उसके मामा तेजपाल को सरेआम पूरे गांव में घुमाने की भी सजा दी गई थी। लेकिन गनीमत रही कि मीडिया सही समय पर पहुंच गई, जिसके बाद गांव में घूमाने का इरादा पंचायत ने बदल दिया। तब तक पंचायत प्रेमी और उसके मामा को जूतों से पीटने और सर का मुंडन कराने की तालिबानी सजा को पूरा कर चुकी थी।
जानकारी के मुताबिक मोनू एक युवती को कुछ दिन पहले अपने मामा तेजपाल के यहां लाया था और तभी से यहां रह रहा था। लेकिन कल रात गांव के किसी व्यक्ति से युवती की बात हुई तो पता चला कि ये युवती शहर की रहने वाली है और बेगराजपुर गांव में युवती की रिश्तेदारी है। बस फिर क्या था, सुबह होते-होते मामले ने तूल पकड़ लिया और बैठ गई गांव में तालिबानी पंचायत। बताया जा रहा है कि इस मामले की खबर जब पुलिस को लगी तो पुलिस गांव में तो पहुंची लेकिन कोई कार्रवाई किए बिना ही वापस लौट गई। इस मामले में जहां ग्राम प्रधान मनोज कुमार ने खुद को बचाते हुए कहा की वो सजा देने के बाद पहुंचे थे। जिसके बाद उन्होंने मामले का फैसला करा दिया।












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