MP News: बच्चों को लगाया गले, बेटी के सिर पर रखा हाथ… बरगी क्रूज हादसे के पीड़ितों से मिले सीएम मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर में शोक संतप्त बरगी बांध क्रूज परिवारों से मुलाकात की, संवेदनाएं और समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने पुनरावृत्ति को रोकने के लिए नाव और साहसिक गतिविधियों के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच और एसओपी बनाने की घोषणा की, जिसमें पीड़ितों और बचाव प्रयासों में सहायता करने वाले श्रमिकों के लिए राहत उपाय शामिल हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने बरगी डैम क्रूज हादसे के पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। 1 मई को जबलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारों के बीच भावुक क्षण बिताए—कहीं बच्चों को गले लगाया तो कहीं बेटियों के सिर पर हाथ रखकर ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार हर परिवार के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुखद घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स और क्रूज गतिविधियों हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव जबलपुर के दरहाई मार्ग स्थित मृतका नीतू सोनी के घर पहुंचे, जहां परिजनों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। परिवार की बेटी को रोता देख उन्होंने उसके सिर पर हाथ रखकर सांत्वना दी और दो छोटे बच्चों को गले लगाकर उनका दुख बांटा। इसके बाद वे रियाज हुसैन के घर भी पहुंचे, जो इस हादसे में बाल-बाल बचे थे।
28 लोगों को बचाया गया, 9 की मौत
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मां नर्मदा के तट पर हुए इस हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए SDRF, NDRF और अन्य राहत दलों को मौके पर भेजा। साथ ही, सेना के गोताखोरों ने भी बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आसपास चल रहे जल जीवन मिशन के कार्य में लगे श्रमिकों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।
पीड़ितों की मदद करने वालों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि रियाज हुसैन करीब चार-पांच घंटे तक क्रूज में फंसे रहे और उन्होंने अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने घोषणा की कि जिन स्थानीय लोगों ने दूसरों की जान बचाने में मदद की, उन्हें 51-51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जबकि Narendra Modi द्वारा 2-2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की गई है।
जांच के लिए बनेगी उच्च स्तरीय समिति
मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जा रही है, जिसमें होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक, राज्य शासन के सचिव और जबलपुर संभाग के आयुक्त शामिल होंगे। यह समिति हादसे के कारणों, परिस्थितियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की जांच करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही नौका पर्यटन, क्रूज पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए विस्तृत एसओपी तैयार करेगी, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।












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