Yogi Adityanath: महाकुंभ पर सियासत गरम, सीएम योगी बोले -'गिद्धों को लाश..., भक्तों को भगवान!'
Yogi Adityanath on Maha kumbh 2025: उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए सीएम योगी ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ में जिसने जो तलाशा, उसे वही मिला। गिद्धों को लाश मिली, सुअरों को गंदगी मिली, आस्थावानों को पुण्य और सज्जनों को सज्जनता मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और वहां की व्यवस्थाओं की सराहना की।

सपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को सिर्फ नकारात्मकता दिखती है। अमीरों को व्यापार मिला, गरीबों को रोजगार मिला, भक्तों को भगवान मिले और श्रद्धालुओं को साफ-सुथरी व्यवस्था मिली। जिसकी जैसी सोच थी, उसे वैसा ही अनुभव हुआ।
सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता लगातार महाकुंभ पर टिप्पणियां कर रहे हैं, जो उनकी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने हमेशा आस्था से खिलवाड़ किया है। 2013 के कुंभ में अव्यवस्था चरम पर थी। तब पानी तक प्रदूषित था, लोग स्नान करने से बचते थे, और यहां तक कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने भी स्नान करने से इनकार कर दिया था।
भाजपा सरकार में महाकुंभ बना वैश्विक आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार की व्यवस्था पूरी तरह विश्वस्तरीय रही है। उन्होंने विधानसभा में कहा कि अगर सुविधाएं बेहतर न होतीं, तो 63 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में हिस्सा नहीं लेते। महाशिवरात्रि तक यह संख्या 65 करोड़ पार कर जाएगी। विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछली सरकारों में कुंभ की समीक्षा तक नहीं की जाती थी।
सीएम योगी ने 2013 के कुंभ और 2025 के महाकुंभ की तुलना करते हुए कहा कि पिछली सरकारों में अव्यवस्था थी। 2013 में सपा सरकार ने एक गैर-धार्मिक व्यक्ति को कुंभ का प्रभारी बना दिया था, जिससे आयोजन की गरिमा प्रभावित हुई थी। इस बार, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और 74 देशों के हेड ऑफ मिशन ने महाकुंभ में आकर स्नान किया और व्यवस्थाओं की सराहना की।
महाकुंभ पर विपक्ष को जवाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी सिर्फ विरोध के लिए विरोध करती है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ को हमने वैश्विक आयोजन के रूप में प्रस्तुत किया है और यह दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया, बल्कि आर्थिक और पर्यटन क्षेत्र में भी महाकुंभ को एक अवसर के रूप में विकसित किया है।
सीएम योगी ने कहा कि इस बार महाकुंभ में 74 देशों के राजनयिकों ने भाग लिया और व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महाकुंभ को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। आज दुनिया के तमाम देशों के लोग महाकुंभ देखने और अनुभव करने आ रहे हैं।












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