Maha Kumbh Mela 2025: महाकुंभ में आज होगी अग्नि अखाड़े की पेशवाई, शोभायात्रा में दिखेगी अद्भुत आध्यात्मिक झलक
Maha Kumbh Mela 2025: प्रयागराज महाकुंभ मेले में आज अग्नि अखाड़े के संतों की भव्य पेशवाई का आयोजन किया जा रहा है। चौफटका स्थित अनंत माधव मंदिर से शुरू होने वाली इस शोभायात्रा में देशभर से आए करीब एक हजार महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर और महंत भाग लेंगे। जानकारी के मुताबिक, पेशवाई यात्रा कुंभ मेले में प्रवेश कर गई है। इस दौरान सभी ने उनका स्वागत किया और उन्हें बधाई दी।
आध्यात्मिक नेतृत्व और पारंपरिक आयोजन
इस ऐतिहासिक शोभायात्रा का नेतृत्व अग्नि अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर रामकृष्ण कर रहे हैं। अखाड़े की देवी माता गायत्री इस भव्य जुलूस में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही हैं। उनके साथ अग्निपीठाधीश्वर स्वामी रामकृष्णानंद भी रहेंगे। यह शोभायात्रा 13 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पुराने शहर के कई हिस्सों से होकर गुजरेगी।

बता दें कि पेशवाई यात्रा कुंभ मेले में प्रवेश कर गई है। प्रयागराज जोन के एडीजी ने कहा कि यह पुरानी परंपरा है। हमने अग्नि अखाड़े का स्वागत किया और हमारे साथ प्रयागराज कमिश्नरेट के कमिश्नर अजय पाल शर्मा, मेला अधिकारी हैं। सभी ने उनका स्वागत किया और उन्हें बधाई दी।
पेशवाई में 40 रथ, 15 घोड़े, ऊंट और करतब दिखाने वाले कलाकारों के साथ-साथ अखंड परशुराम अखाड़े के सदस्य भी शामिल हुए। संत परंपरागत प्रसाद के रूप में दही और खिचड़ी ग्रहण करने के बाद इस यात्रा पर निकले थे।
यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ाव
महंत सोमेश्वरानंद ने बताया कि पेशवाई चौफटका पुल से होकर मेला क्षेत्र तक जाएगी। इसके रास्ते में कर्बला चौराहा, खुल्दाबाद, कोतवाली, बताशा मंडी, कोठापार्चा और बैरहना जैसे प्रमुख स्थान आएंगे। जुलूस अंततः त्रिवेणी पंटून पुल को पार करते हुए अपने गंतव्य पर पहुंचेगा।
यातायात प्रबंधन और व्यवस्था
जुलूस के सुचारू संचालन और शहर के यातायात को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। महिला ग्राम चौराहे से चौफटका फ्लाईओवर तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा रेलवे स्टेशन और बूढ़ा ताजिया मार्ग पर भी यातायात बंद रहेगा।
यातायात के वैकल्पिक मार्ग
सुबेदारगंज फ्लाईओवर का उपयोग महिला ग्राम की ओर जाने के लिए किया जा सकता है। राजरूपपुर तिराहा से कर्बला चौराहे तक वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। त्रिवेणी मार्ग से बैई तक का मार्ग यात्रा के दौरान बंद रहेगा।
महाकुंभ की परंपरा और आध्यात्मिकता
अग्नि अखाड़े की पेशवाई महाकुंभ मेले की समृद्ध आध्यात्मिक परंपराओं को दर्शाती है। यह भव्य आयोजन केवल संतों की आध्यात्मिक यात्रा को ही नहीं दर्शाता। बल्कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता की झलक भी पेश करता है।
जैसे ही यह शोभायात्रा मेला क्षेत्र में प्रवेश करेगी शहर की सांस्कृतिक धड़कन और आध्यात्मिक आभा और भी प्रबल हो जाएगी। प्रयागराज के निवासियों और भक्तों के लिए यह दिन एक अद्भुत अनुभव लेकर आएगा। जिसमें आस्था, परंपरा और भक्ति का अद्वितीय संगम देखने को मिलेगा।












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