यूपी को मिला एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला बस स्टेशन, जानिए क्या है इसकी खासियत
लखनऊ। मंगलवार को यूपी के पहले आधुनिक सुविधाओं और तकनीकी से लैश आलमबाग बस टर्मिनल का मुख्यमंत्री योगी ने लोकार्पण किया। यह बस टर्मिनल लोकार्पण से काफी पहले से ही अपनी खासियों की वजह से चर्चा में था। काफी पहले इस बस टर्मिनल में खास बात यह है कि इसे सीधे मेट्रो स्टेशन से जोड़ा गया है, जिससे मेट्रो स्टेशन के यात्री बस टर्मिनल पर सीधे पहुंच सकेंगे यह अपनी तरह का पहला बस टर्मिनल है। आपको बता दें कि आलमबाग बस टर्मिनल कई मायनों में दूसरे बस टर्मिनल से काफी अलग है। आइये जानते हैं इस बस टर्मिनल की खास बातें-

सीएम योगी ने किया शुभारंभ
लखनऊ में आलमबाग बस टर्मिनल का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के डिप्टी सीएम परिवहन मंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह कानून मंत्री बृजेश पाठक, महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी समेत बड़ी तादाद में गणमान्य नेता और अतिथि मौजूद रहे।

50 बसें ऊपर तो 50 बसें खड़ी हो सकेंगी ऊपर
आलमबाग बस टर्मिनल में 50 बसों की भूमिगत पार्किंग की व्यवस्था की गई है जबकि 50 बसें प्लेटफॉर्म पर खड़ी रहेंगी। इस टर्मिनल में साढ़े सात सौ बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। बस टर्मिनल में यात्रियों के लिए मॉडर्न सुविधाओं से लैस वेटिंग हॉल, ठंडे पेय जल मशीनें, पोस्ट ऑफिस, ATM लिफ्ट आदि की व्यवस्था की गई है।

रोज 12 हजार से ज्यादा बसें 34 लाख किमी का सफर तय करती हैं
गौरतलब है कि यूपी राजकीय रोडवेज सेवा का गठन 1 जून 1972 में हुआ था। जिसमें 12 हजार से अधिक बसे रोज लगभग 34 लाख किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। वर्तमान सरकार यूपी में 63 बस अड्डों का आधुनिकीकरण करने में लगी है। जिसके तहत पुराने बस स्टेशनों को तोड़कर उसमें नई तकनीकी और यात्री सुविधाओं का समावेश कर नया रूप दिया जा रहा है।

एयपोर्ट की तर्ज पर बना है बस टर्मिनल
इसी क्रम में लखनऊ के आलमबाग बस स्टेशन को मॉडिफाइड किया गया है। लोकार्पण के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोडवेज कर्मचारियों को जल्द ही सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने की भी घोषणा की। साथ ही कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा आम जनता के हित में उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी।












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