Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Lucknow से प्रलय की शुरुआत? बुद्धेश्वर मंदिर के तालाब में कई क्विंटल मछलियां मरीं, खाने वाला भी मरा, जानें वजह

Lucknow Buddheshwar Temple: लखनऊ के बुद्धेश्वर मंदिर के तालाब में एक ऐसी सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है, जो सीधे बाबा वेंगा की 2025 में दुनिया के अंत की भविष्यवाणी से जोड़कर देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि बुद्धेश्वर मंदिर के तालाब में एक रहस्यमयी तरीके से कई क्विंटल मछलियों की घाट पर मौत हो गई।

इस खबर ने लोगों को दहशत में डाल दिया। इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि इन मछलियों को खाने वाला एक डॉग भी तड़प-तड़पकर मर गया। क्या यह महज एक अपराध है, या प्रलय की शुरुआत का कोई संकेत? आइए, इस डरावने कांड की तह तक जाते हैं...

Lucknow Buddheshwar Temple

शाम से शुरू हुआ खौफनाक मंजर

मामला लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में बुद्धेश्वर मंदिर का है। यहां के तालाब की कई क्विंटल मछलियां मंगलवार शाम को अचानक तड़पने लगीं और एक-एक कर मरने लगीं। यह खबर जंगल की आग की तरह इलाके में फैली। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मंदिर के पास जमा हो गए। कुछ साहसी युवकों ने तालाब में उतरकर स्थिति का जायजा लिया, जहां मछलियों के ढेर साफ दिख रहे थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और नगर निगम को सूचना दी, लेकिन रात होने तक नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची।

रात के अंधेरे में लोगों ने खुद ही मरी मछलियों को तालाब से निकालकर किनारे पर रखा। लेकिन, बुधवार (9 जुलाई 2025) सुबह एक और चौंकाने वाली घटना हुई। मरी मछलियों को खाने वाला एक कुत्ता तड़पते हुए मर गया। यह देखकर लोगों में दहशत फैल गई। आनन-फानन में मरी मछलियों को गड्ढे में दबाया गया, लेकिन तब तक तीन शीशियों की खोज ने मामले को और रहस्यमय बना दिया।

नगर निगम की लापरवाही, लोगों का गुस्सा

घटना के 15 घंटे बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उनकी सुस्ती ने स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़का दिया। टीम ने बची हुई मछलियों को दूसरे तालाब में शिफ्ट करने की बात कही, लेकिन लोगों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि तालाब का पानी साफ करके मछलियों को यहीं रखा जाए। गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उचित कार्रवाई का भरोसा देकर भीड़ को शांत किया। आशंका है कि बरामद शीशियों में जहर था। लेकिन, मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ क्लियर हो पाएगा।

बुद्धेश्वर मंदिर: आस्था का केंद्र, सुरक्षा का अभाव

स्थानीय निवासी हर्ष गुप्ता ने बताया कि बुद्धेश्वर मंदिर लोगों की गहरी आस्था का प्रतीक है। करीब ढाई बीघे में फैले इस तालाब में मछलियां पाली जाती हैं, जिन्हें श्रद्धालु चारा डालते हैं। खासकर सावन के बुधवार को यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है। लेकिन मंदिर परिसर में न तो सीसीटीवी कैमरे हैं और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था। हर 15 दिन में होने वाली सफाई भी नाकाफी है। रात में नशेड़ियों का अड्डा बनने वाला यह इलाका अब एक सनसनीखेज अपराध का गवाह बन चुका है।

'जहर डालने वाला कोई साधारण शख्स नहीं'

फेयरी टेल्स फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, 'रातोंरात मछलियां तड़प-तड़पकर मर गईं। किसी ने चुपके से तालाब में जहर डाला और कोई देख भी नहीं पाया। यह सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।' नेहा ने नगर निगम की लापरवाही पर भी निशाना साधा और कहा कि 15 घंटे बाद पहुंची टीम इस गंभीर मामले को हल्के में ले रही है।

पुलिस की जांच शुरू, सस्पेंस बरकरार

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। शीशियों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इस वारदात को अंजाम देने वाला कौन था और उसका मकसद क्या था। क्या यह सिर्फ मछलियों को मारने की साजिश थी, या इसके पीछे मंदिर की आस्था को ठेस पहुंचाने की कोई गहरी चाल है?

लखनऊ में यह सनसनीखेज कांड अब सवालों के घेरे में है। हर कोई उस अज्ञात अपराधी की तलाश में है, जिसने तालाब को मौत का तालाब बना दिया। क्या पुलिस इस रहस्य से पर्दा उठा पाएगी, या यह कांड अनसुलझा रह जाएगा? जांच के नतीजे आने तक शहर में सस्पेंस और डर का माहौल बना हुआ है।

2025 और बाबा वेंगा की भविष्यवाणी का साया

बल्गेरियाई रहस्यवादी बाबा वेंगा की 2025 में दुनिया के अंत की भविष्यवाणी ने इस साल कई घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर तहलका मचा रखा है। अहमदाबाद में प्लेन हादसा, बेंगलुरु में भगदड़ जैसी त्रासदियों ने लोगों को डरा दिया था। अब लखनऊ का यह तालाब कांड उस डर को और बढ़ा रहा है। क्या वाकई कोई अज्ञात ताकत इस भविष्यवाणी को हकीकत में बदल रही है, या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश है?

बाबा वेंगा कौन?

आपको बता दें कि वेंजेलिया पांडेवा गुश्टेरोवा, जिन्हें बाबा वांगा (Bulgarian: Баба Ванга ) के नाम से भी जाना जाता है, एक बल्गेरियाई रहस्यवादी और चिकित्सक थी जिन्होंने भविष्य की भविष्यवाणी करने की क्षमता होने का दावा किया था।

ये भी पढ़ें- Kanwar Yatra: सावन में बरेली के कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन, जानें वैकल्पिक रूट और जरूरी दिशा-निर्देश

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+