Loksabha election:अमरोहा से दावेदार कौन? क्या दानिश, देवेंद्र नागपाल को हरा कर दिला पाएंगे कांग्रेस को जीत?
Lok Sabha election Amroha: 2024 के लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा चुनाव आयोग 15 मार्च के बाद कर सकता है। चुनाव की तारीखों से पहले उत्तर प्रदेश की अमरोहा सीट अचानक से सुर्खियों में आ चुकी है। इसकी वजह है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन में ये सीट कांग्रेस की झोली में आई है। यूपी में कांग्रेस ने अपने चुनावी दोस्त समाजवादी पार्टी से खुद ये सीट मांगी है। ऐसे में भाजपा के लिए भी अमरोहा सीट पर भगवा लहराना 'अना' का मसअला बन चुका है।

वहीं कांग्रेस ने अमरोहा लोकसभा सीट पर जीत हासिल करने की जद्दोजहद शुरू कर दी है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भारत जोड़ो यात्रा को लेकर आज अमरोहा पहुंचने वाले हैं। आज हम वन इंडिया की इलेक्शन सीरीज दावेदार कौन?' में यूपी की अमरोहा सीट पर चर्चा करने वाले हैं।
बता दें समाजवादी पार्टी ने अमरोहा सीट को कांग्रेस को आसानी से दे दी क्योंकि अमरोहा सीट पर सपा के लिए वो किला है जिस पर वो 28 साल से जीत हासिल नहीं कर सकी, 1996 में जातिगत समीकरणों के चलते ये अमरोहा सीट पर कब्जा जमा पाई थी। वहीं कांग्रेस की बात करें तो अमरोहा सीट पर जीत हासिल करना 40 साल से बंजर पड़ी जमीन पर फसल लहलाहाने जैसा है।
कांग्रेस से दानिश अली होंगे मैदान में
2019 के लोकसभा चुनाव में अमरोहा सीट पर बहुजन समाज पार्टी के कुंवर दानिश अली ने जीत हासिल की थी जो अब बसपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। कांग्रेस को अमरोहा सीट पर जीत की उम्मीद दानिश अली के कारण बढी है। चर्चा है कि कांग्रेस दानिश अली को आगामी लोकसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाएगी। दानिश अली ने 2019 के चुनाव में भाजपा के कंवर सिंह को 63248 वोटों के अंतर से हराया था।
देंवेद्र नागपाल बीजेपी के पहली पसंद ?
वहीं बात करें भाजपा की तो अमरोहा सीट से देंवेद्र नागपाल पहली पसंद हो सकते हैं। माना जा रहा है पिछले चुनाव में तत्कालीन अमरोहा भाजपा सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर को हार का सामना करना पड़ा था इसलिए भाजपा इस बार देवेंद्र नागपाल को कांग्रेस में शामिल हो चुके दानिश के सामने उतार सकती है।
वहीं देवेंद्र नागपाल ने 2009 में इस सीट पर राष्ट्रीय लोकदल को जीत दिलाई थी। 51 वर्षीय देवेंद्र नागपाल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में नौगवां सादात सीट से भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं।
कभी अमरोहा लोकसभा सीट पर कांग्रेस का बजता था डंका
साहित्यकारों की धरती अमरोहा लोकसभा सीट 1952 में वजूद में आई। अस्तिव में आने के बाद अमरोहा कई वर्षों तक कांग्रेस का गढ़ रही। एक समय था कि कांग्रेस का इस सीट पर डंका बजता था उसके सामने सभी विपक्षी पार्टी टिक नहीं पाती थी।
40 साल में कांग्रेस को नहीं मिली जीत
1971 तक इस सीट पर तीन बार कांग्रेस का कब्जा रहा। इसके बाद सालों बाद 1984 में रामपाल सिंह ने जीत हासिल कर कांग्रेस को उसकी खोई हुई जमीन वापस दिलाई थी लेकिन इसके बाद कांग्रेस इस सीट को जीतने में कामयाब नहीं हो सकी।
अमरोहा सीट पर जीत कांग्रेस के लिए है बड़ी चुनौती!
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के लिए ये अमरोहा सीट पर जीत हासिल करना बड़ी चुनौती होगी, इसका अंदाजा कांग्रेस को भी है इसीलिए यूपी में चुनाव से पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपनी भारत न्याय यात्रा को लेकर अमरोहा कर रुख कर चुके हैं और अमरोहा में कांग्रेस की सालों पहले खोई हुई जमीन को वापस पाने में जुट चुके हैं।
अमरोहा लोकसभा सीट: पिछले 5 चुनाव में किसका रहा कब्जा?
- 2019 बसपा कुंवर दानिश अली
- 2014 कुंवर सिंह तंवर भाजपा
- 2009 देवेंद्र नागपाल राष्ट्रीय लोकदल
- 2004 महमूद मदनी निर्दलीय
- 1999 राशिद अल्वी बसपा












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