UP Politics: SP और RLD के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर कहीं आ ना जाए गठबंधन में दरार!
Loksabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्षी गठबंधन INDIA (I.N.D.I.A)में फिलहाल 26 राजनीतिक दल हैं। आम चुनाव होने तक इस गठबंधन में कितनी पार्टियां बचेगी ये आने वाला समय ही बताएगा। इसकी वजह है कि विपक्षियों के इस इंडिया गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक कोई ऐलान नहीं हुआ है।

हालांकि इंडिया गठबंधन में सबसे पहले सीटों की मांग यूपी से आई सामने आई है। ये डिमांड उत्तर प्रदेश की प्रमुख विपक्षी आखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (एसपी) से उसकी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने की है। जिसके बाद सवाल उठ रहा है कि क्या सीटों को लेकर क्या सपा और आरएलडी का ये गठबंधन चलेगा या दोनों के रिश्तों में दरार पड़ जाएगी।
12 सीटों पर आरएलडी लड़ना चाहती है चुनाव
बता दें पश्चिम यूपी में राष्ट्रीय लोक दल की अच्छी पकड़ है। ये ही कारण है कि जयंत की पार्टी ने सपा के सामने एक दो नहीं बल्कि पश्चिम यूपी की 12 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर डाली है। वो हर हाल में इन सीटों से चुनाव लड़ने के लिए आमदा है। जबकि ये वो सीटें हैं जिन पर अखिलेश की सपा का मजबूत जनाधार रहा है।
डिमांड नही पूरी हुई तो टूट जाएगा ये गठबंधन
आरएलडी की इस सीटों की डिमांड को अगर सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव अपना बड़ा दिल दिखाते हुए दे देते हैं तो ही वो ही सपा और रालोद की दोस्ती यूपी में बरकरार रहेगी। हालांकि सपा आरएलडी की ये डिमांड पूरी करेगी इसकी संभावना बहुत ही कम नजर आ रही है क्योंकि पश्चिम की इन सीटों पर सपा का मजबूत जनाधार है, पिछले चुनाव में वो इन सीटों पर बेहतर परफार्म करती आई है, ये वो सीटें हैं जहां भाजपा को सपा कड़ी टक्कर देती आई हैं।
RLD इन सीटों पर लड़ना चाहती है चुनाव
आरएलडी के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर राजकुमार सांगवान के अनुसार उनकी पार्टी बागपत, मथुरा, मेरठ, कैराना, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, अमरोहा, फतेहपुर सीकरी, हाथरस, नगीना, बिजनौर सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है। सांगवान ने कहा इन सीटों पर हमारा मजबूत जानाधार है, इसलिए हमारी पार्टी इन सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
इन सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए क्यों अड़ी हुई है RLD
ध्यान देने वाली बात ये है कि इन सभी सीटों पर जाट वोटरों की बड़ी संख्या है, जिन पर आरएलडी की अच्छी पकड़ है। पश्चिम यूपी में किसान और जाट समाज बाहुल्य पर आरएलडी का खासा प्रभाव है। इसके अलावा जयंत चौधरी के द्वारा गांवों में चलाए जा रहे समरसता अभियान से भी क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत हुई है। वहीं आरएलडी को आजाद समाज पार्टी का साथ मिलने से क्षेत्र के दलितों का साथ मिलना तय है जैसा कि खतौनी विधानसभा उपचुनाव में मिला था।
जानें आरएलडी ने इस गठबंधन में कितनी जीती हैं सीटें
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में सपा आरएलडी ने साथ चुनाव लड़ा था और 8 सीटों पर जीत दर्ज करवाई थी। इसके बार खतौनी उपचुनाव में जीत हासिल की थी।
इन सीटों पर आरएलडी क्यों लड़ना चाहती है चुनाव?
- मथुरा सीट- जयंत चौधरी स्वयं एमपी चुने जा चुके हैं।
- मुजफ्फरनगर सीट- 2019 में जयंत के पिता अजित सिंह चुनाव लड़े थे
- अमरोहा सीट- जयंत चौधरी की है मजबूत पकड़
- मेरठ सीट- आरएलडी चुनाव लड़ने का दावा करती रही है
- नगीना सीट- सुरखित सीट हे जहां आरएलडी अपनी सहयोगी पार्टी आजाद समाज के उम्मीदवार को चुनाव लड़वाना चाहती है।












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