जौनपुर से मायावती ने दबाव में उम्मीदवार बदला? धनंजय सिंह की पत्नी का टिकट कटने के पीछे क्या ये है वजह?
Jaunpur Dhananjay Singh: उत्तर प्रदेश की जौनपुर लोकसभा सीट से अचानक बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपना उम्मीदवार बदल दिया। बसपा ने बाहुबली और पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी सिंह की जगह मौजूदा सांसद श्याम सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया है।
बसपा सुप्रीमो मायावती के रातों-रात हुए फैसले के बाद जौनपुर में भी चर्चाओं के बाजार के साथ सियासी माहौल भी गर्मा गया है। क्योंकि जो धनंजय सिंह किसी भी हाल में चुनाव लड़ना चाहते थे। उनकी पत्नी श्रीकला रेड्डी को भी बसपा से टिकट मिल गया था। यहां तक की वो नामांकन भी दाखिल कर चुकी थीं। लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसके बाद बसपा ने अपना उम्मीदवार ही बदल दिया।

धनंजय सिंह पर अदृश्य दबाव!
दरअसल, जौनपुर में हुए इस 'खेले' के पीछे धनंजय सिंह पर किसी तरह के अदृश्य दबाव की चर्चाओं को तूल दे रहा है। हालांकि यह दबाव जांच एजेंसियों का है या फिर किसी राजनीतिक दल का! इसके बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
प्रत्याशी बदलने की थी चर्चाएं
ऐसी सुगबुगाहट इसलिए भी हो रही है, क्योंकि जैसे ही इलाहाबाद कोर्ट से जमानत पर धनंजय सिंह बाहर आए तो दूसरी तरफ उनकी पत्नी श्रीकला की चुनावी गतिविधियां भी कम होने सी लग गई। इसी के साथ जौनपुर में कई दिनों से ऐसी चर्चाओं ने भी जोर पकड़ा हुआ था कि बसपा अपना उम्मीदवार बदल सकती है और फिर ऐसा ही हुआ।
धनंजय सिंह को लेकर बताएं जा रही ये थ्योरी
मायावती के प्रत्याशी बदलने के बाद अब चुनावी मैदान में धनंजय सिंह के हाथ खाली हो गए। लेकिन जौनपुर सहित पूर्वांचल में कई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है, जिसमें पहला यह कि धनंजय सिंह के पीछे हटने का कारण भाजपा उम्मीदवार कृपाशंकर सिंह हो सकते हैं, जिनके बुने गए मायाजाल का ही ये नतीजा है। तो दूसरी तरफ यह भी कहा जा रहा है कि जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की गतिविधियों से भी धनंजय सिंह को जोड़ने की कोशिश हुई है, जिसके चलते जांच एजेंसियां एक्टिव हो गई।
इसके अलावा तीसरी चर्चा यह है कि भाजपा ने ठाकुर नेताओं को एक जाजम पर लाकर बाहुबली धनंजय सिंह पर दबाव बनाया है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाल में ही अमित शाह ने राजा भैया से मुलाकात की। इसके अलावा बस्ती के राज किशोर सिंह भी बीजेपी में आ चुके हैं। इधर, अभय सिंह को भी Y कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। ऐसे में सियासी गलियारों में कयास लगाएं जा रहे हैं कि क्या सभी ठाकुर नेताओं ने धनंजय सिंह को कोई आश्वासन दिया है?
क्या सच में मायावती ने खुद लिया फैसला?
दूसरी तरफ अब तक यह साफ नहीं हो पााया है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने खुद से धनंजय की पत्नी का टिकट काटा है या फिर धनंजय सिंह स्वयं पीछे हट गए हैं।












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