7 साल बाद मिला बेबस मां को इंसाफ, मासूम की हत्या करने वाले सगे चाचा को सुनाई गई सजा
रामपुर। तीसरी क्लास के छात्र अमन की हत्या के आरोप में कोर्ट ने सात साल बाद फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अमन के चाचा सहित तीन साथियों को आजीवन कारावस और एक आरोपी को सात साल सश्रम की सजा सुनाई है। बता दें कि अमन के चाचा ने अपने भाई से मोटी रकम वसूलने के लिए पहले अमन का अपहरण किया, फिर उसकी हत्या कर दी थी। कोर्ट का फैसला आने के बाद परिजनों ने फैसले की सहराना की है।

राज फाश होने के डर की हत्या
जिले के सिविल लाइंस क्षेत्र के आवास विकास में रहने वाले अमित अग्रवाल का अमन अग्रवाल इकलौता बेटा था। जो दयावती मोदी एकेडमी स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था। बता दें कि अमित अग्रवाल के भाई अनुराग अग्रवाल ने मासूम को बहला-फुसला कर उसे अगवा कर लिया और पीलीभीत ले गया। अनुराग ने अपने भाई से बात करने के लिए एक नया मोबाइल भी लिया, लेकिन सिम चालू नही हो सका। वहीं, अमन भी चाचा से घर जाने की जिद करने लगा। राज फाश होने के डर से चाचा अनुराग अग्रवाल और उसके तीन साथियों ने अमन की हत्या कर दी और शव को जिला पीलीभीत के आगे गजरौला रोड़ पर शव को जंगल में फैंक कर फरार हो गए।

लोगो ने निकाला था कैन्डल मार्च
पीलीभीत पुलिस ने मोदी स्कूल की ड्रेस और बैच से अमन की पहचान की और रामपुर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने अमन के पिता को बताया तो इकलौते पुत्र की हत्या कि खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया। समाजसेवियों और स्कूलों के छात्र छात्राओं ने कैन्डल मार्च निकाल कर शोक सभाएं की और हत्यारों को सजा दिलाने की मांग पुलिस-प्रशासन से की गई। अत्याधिक दबाव के चलते पुलिस ने चंद दिनों में ही मासूम अमन के हत्यारों को हिरासत में ले लिया। सख्ती से पूछताछ में पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। पुलिस ने इस मामले का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

कोर्ट सुनाया फैसला
इस बीच हरिओम खंडेलवाल और विजय को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लेकिन 8 फरवरी 2018 को रामपुर एडीजे थर्ड के यहां केस की सुनवाई के दौरान जमानत पर चल रहे आरेापी और जेल में पहले से बंद मुख्य आरोपी अनुराग अग्रवाल और सोनू गोयल पर आरोप साबित हो गए। कोर्ट ने फिर से जमानत पर चल रहे विजय और हरिओम खंडेलवाल को जेल भेज दिया। इस मामले में कोर्ट ने सभी आरोपियों को सजा सुना दी। अदालत ने चाचा अनुराग अग्रवाल सहित तीनों मुख्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए चौथे आरोपी विजय को सात साल की सश्रम सजा सुनाई है। अपने इकलौते मासूम अमन के हत्यारों को सजा होने पर माता पिता ने राहत की सांस ली है।












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