यहां विजय दशमी पर रावण दहन नहीं होता, 5 दिन बाद होगा अंतिम संस्कार
कन्नौज। एक तरफ पूरे भारत मे विजय दशमी के पर्व पर रावण दहन हुआ लेकिन कन्नौज में एक खास परम्परा के तहत रावण को जलाकर उसका अंतिम संस्कार 5 दिन बाद होता है। रावण दहन की यह खास परंपरा कन्नौज में बरसों से चली आ रही है।

कन्नौज के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 108 साल से रामलीला का आयोजन हो रहा है। जहां विजय दशमी पर पूरे देश में दशानन वध हुआ, वहीं कन्नौज में रामलीला में भगवान राम की बारात निकाली गई। यहां दशहरे के 5 दिन बाद शारदीय पूर्णिमा को रावण को जलाकर अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह परम्परा बर्षों पहले कान्यकुब्ज ब्राहम्णों ने डाली थी।

कन्नौज कान्यकुब्ज ब्राह्मणों का जनक स्थान है। विद्वानों की मानें तो रावण एक ब्राह्मण था। उसके जीवन को कल्याण मिले इसलिए शरद पूर्णिमा के दिन रावण का अन्तिम संस्कार किया जाता है । शारदीय पूर्णिमा के दिन अमृत की वर्षा होती है इसलिए बरसों से शारदीय पूर्णिमा पर यहां रावण को जलाकर अंतिम संस्कार करने की परंपरा चली आ रही है।












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