लालू 'मिश्रा' होते तो नहीं जाते जेल! 10 दिनों में बेटे को भी देना है जवाब
एक तरफ जहां लालू प्रसाद यादव पर सजा का बस ऐलान बाकी है तो दूसरी तरफ उनके परिवार पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।
पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, एक तरफ जहां लालू प्रसाद यादव पर सजा का बस ऐलान बाकी है तो दूसरी तरफ उनके परिवार पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पर सुप्रीम कोर्ट में एक नोटिस करते हुए 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा है, जिसमें उन्होंने जाती सूचक शब्द का प्रयोग किया था। सुप्रीम कोर्ट के वकील वैभव मिश्रा ने चारा घोटाला मामले में फैसला आने के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को जेल और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को बेल मिलने के बाद तेज प्रताप यादव के उस बयान पर आपत्ति जताई। जिसमें उन्होंने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने के बाद कहा था कि लालू प्रसाद भी यदि 'मिश्रा' होते, तो उन्हें भी बेल मिल जाती।

इसी मामले को लेकर कोर्ट ने भी इस पर आपत्ति जताते हुए तेज प्रताप यादव के खिलाफ नोटिस जारी किया है और 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। वहीं नोटिस पर राजद नेता शिवानंद तिवारी का कहना है कि तेज प्रताप यादव ने ठीक कहा है, उन्होंने भी कहा कि लालू मिश्रा होते तो वो भी जेल नहीं जाते और आज बाहर रहते। हम किसी नोटिस की परवाह नहीं करते हैं, हम डरते नहीं हैं सच बोलने से जेल भेजा जाता है तो हम जेल जाने के लिए भी तैयार हैं।
वहीं सीबीआई कोर्ट ने तेजस्वी यादव, रघुवंश प्रसाद और मनोज झा को कोर्ट की अवमानना में नोटिस जारी किया है। जिन्हें 23 जनवरी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया गया है।












Click it and Unblock the Notifications