ललितेश का छलका दर्द: कहा- कांग्रेस में घुटन महसूस हो रही थी, इस्तीफे के बाद भी किसी ने नहीं बांटा दुख दर्द
लखनऊ, 29 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व नेता ललितेश पति त्रिपाठी और राजेश पति त्रिपाठी सोमवार, 25 अक्टूबर को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की मौजूदगी में राजनेता कोलकाता में टीएमसी में शामिल हो गए थे। ललितेश पति ने पहली बार कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। ललितेश ने कहा है कि कांग्रेस में वह अपने आप को असहज पा रहे थे और घुटन महसूस हो रही थी। ये फैसला एक दिन में नहीं बल्कि काफी सोच समझकर लिया है। कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद भी जब तक किसी दल में शामिल नहीं हुआ था तब तक किसी ने भी दुख दर्द समझने की कोशिश नहीं की कि इस्तीफे के पीछे की क्या वजह थी।
Recommended Video

ललितेश पति त्रिपाठी ने वन इंडिया संवाददाता से विशेष बातचीत के दौरान यह बातें कहीं। ललितेश ने इस दौरान कई तीखे प्रश्नों के जवाब दिए। ललितेश ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से वह कांग्रेस में आपने आपको काफी असहज महसूस कर रहे थे। वह अपने कार्यकर्ताओं और प्रशंसकों की उन अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहे थे जो उनके मन में था। इसलिए कांग्रेस को छोड़ने का समय आ गया था। काफी सोच समझकर पूरे परिवार ने यह फैसला लिया था। प्रस्तुत है ललितेश से बातचीत के प्रमुख अंश...।
सवाल: कांग्रेस ने आपको और आपके परिवार को काफी कुछ दिया है, फिर आपने कांग्रेस क्यों छोड़ी ?
जवाब: देखिए। वाकई आपकी बात सही है। कांग्रेस ने मुझे ही नहीं पूरे परिवार को बहुत कुछ दिया है। कांग्रेस को छोड़ने का फैसला केवल एक दिन में नहीं लिया है। ऐसा नहीं है कि रात को सपना आया और सुबह उठकर कांग्रेस छोड़ दी। कांग्रेस छोड़ने से पहले काफी सोच विचार किया और तब पाया कि मैं अपने कार्यकताओं की उन अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहा हूं जो उनको मुझसे थीं। कांग्रेस में रहकर अपने आपको असहज महसूस कर रहा था जिसकी वजह से मैंने काफी सोच समझकर यह फैसला लिया है।

सवाल: आप कह रहे हैं कि कार्यकर्ताओं की अपेक्षा आप पूरी नहीं कर पा रहे थे, तो क्या अब राष्ट्रीय पार्टी से क्षेत्रीय पार्टी में आकर उनकी अपेक्षाओं को पूरा कर पाएंगे ?
जवाब: कांग्रेस में एक जिम्मेवारी दी गई थी। मुझे या मेरे पिता को भी। बाबा के जमाने से लोग हमारे परिवार से जुड़े हुए हैं। परिवार के साथ ही अपने उन चाहने वालों की मदद करने में अपने आपको असमर्थ पा रहा था उनकी अपेक्षाओं को पूरा करना हमारा दायित्व है और मुझे लगता है कि तृणमूल कांग्रेस ही एक ऐसा मंच है जहां आकर मैं उनको संतुष्ट कर सकता हूं। मुझे लगता है कांग्रेस में क्यों नहीं हो पा रही थी तो वो किसी पुराने कार्यकर्ता से पूछेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि मैं क्या महसूस कर रहा था। तृणमूल में एक संभावना दिखता है कि हम पुराने लोगों की लड़ाई लड़ेंगे। यहां की विचारधारा कांग्रेस की तरह ही है और ये उम्मीद है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सबको साथ लेकर आगे बढ़ेगा।
सवाल: प्रियंका गांधी के बहुत खास माने जाते थे आप या यूं कहें कि उनकी किचन कैबिनेट के सदस्य थे फिर ये जरुरत क्यों पड़ी?
जवाब: भविष्य में यदि प्रियंका गांधी से कभी मुलाकात हुई तो अपनी बातें उनके सामने और स्पष्ट तरीके से रख सकूंगा। इस्तीफे के बाद से लेकर यानी जब तक मैने किसी दल को ज्वाइन नहीं किया था तब तक मेरे दर्द को किसी ने समझने का प्रयास ही नहीं किया। मुझे लगता है कि यही कांग्रेस में सबसे बड़ी कमी और वहां की विडंबना है। ये उनको समझना पड़ेगा।

सवाल: अगर आपको तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन करना था तो सिलिगुड़ी में क्यों पूर्वांचल या लखनऊ में क्यों नहीं?
जवाब: हम लोगों ने तय किया था कि दुर्गापूजा के बाद तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन करेंगे। हमने ये इच्छा जाहिर की थी तो तृणमूल कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि दुर्गापूजा के बाद आपकी ज्वाइनिंग होगी। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम भी गोवा में लगा हुआ था तो ऐसा लगा कि ये मामला ज्यादा लंबा खिंचता चला जाएगा तो फिर ये ज्वाइनिंग का कार्यक्रम बनाया गया।
सवाल: सरकार का दावा है कि पहले की सरकारों की तुलना में इस सरकार ने किसानों के लिए ज्यादा काम किया ?
जवाब: किसानों के लिए क्या किया। किया होता तो आज किसानों की हालत ये नहीं होती। गन्ना किसान हों या खाद के लिए परेशान किसान हो। योगी सरकार में इनको कोई राहत नहीं मिल रही है। आपने देखा कि लखीमपुर खीरी में किसानों के उपर थार चढ़ा दी गई और मंत्री के खिलाफ बीजेपी ने कोई कार्रवाई नहीं की। जनता इसका हिसाब आने वाले चुनाव में योगी सरकार से मांगेगी।

सवाल- अमित शाह ने कहा है कि 2024 में मोदी को जिताना है तो 2022 में योगी को सीएम बनाना होगा, इसके क्या मायने हैं ?
जवाब- इसके मायने तो वहीं समझें लेकिन किसान मर रहा है युवा बेरोजगार घूम रहा है और इनका अब यह कहना कि 2022 में योगी को इसलिए वोट दीजीए क्योंकि 2024 में मोदी को जिताना है तो इनकी सोच इन्हीं को मुबारक हो। जनता ने बीजेपी को पहचान लिया है। इनको सबक मिलेगा।
सवाल- यूपी में कोई फ्री में में स्कूटी दे रहा है तो कोई 300 यूनिट बिजली फ्री दे रहा है, क्या इस फ्री की सियासत से जनता का मन बदलेगा?
जवाब- जो भी दल इस तरह की कवायद कर रहे हैं वो जनता को छलने का प्रयास कर रहे हैं। ये लोगों की केवल जुमलेबाजी के अलावा कुछ नहीं है। आने वाले दिनों में आप देखेंगे कि पूरे यूपी में ही नहीं पूरे देश में बंगाल मॉडल नजर आएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के परपोते हैं ललितेश
पहले अफवाहें थीं कि वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। ललितेश पति त्रिपाठी 2012 और 2017 के बीच उत्तर प्रदेश के मरिहान निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थे। चौथी पीढ़ी के कांग्रेसी, वह उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के परपोते हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश कांग्रेस का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था और उन्हें राज्य के पूर्वी जिलों में पार्टी की गतिविधियों का प्रभारी बनाया गया था। उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि इस साल की शुरुआत में, उत्तर प्रदेश के नेता जितिन प्रसाद ने भी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे।












Click it and Unblock the Notifications