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Kuldeep Singh Sengar: 'मेरे पति के हत्यारे को फांसी दो', पीड़िता की मां का छलका दर्द, कहा-देश छोड़ देंगे

Kuldeep Singh Sengar: उन्नाव गैंगरेप मामले में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले के बाद से एक नया कानूनी तूफान खड़ा हो गया है। HC के फैसले को अब CBI सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है। तो वहीं शुक्रवार को लोग कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सड़कों पप उतर आए, लोगों ने अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिस पर पुलिस को एक्शन भी लेना पड़ा।

तो वहीं दूसरी ओर पीड़िता की मां ने कहा कि 'कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत खारिज होनी चाहिए, हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। हमें हाईकोर्ट पर भरोसा नहीं रहा, अगर हमें सुप्रीम कोर्ट में भी इंसाफ नहीं मिला, तो हम दूसरे देश जाएंगे, मेरे पति के हत्यारे को तुरंत फांसी दी जानी चाहिए।'

Kuldeep Singh Sengar

आपको बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश के कुछ घंटे बाद ही सुप्रीम कोर्ट में 'विशेष अनुमति याचिका' (SLP) दायर करने का ऐलान किया है। सुरक्षा कारणों और सेंगर के प्रभाव का हवाला देते हुए सीबीआई और पीड़िता के परिवार ने जमानत का कड़ा विरोध किया है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने सेंगर द्वारा 7 साल 5 महीने जेल काट लेने के आधार पर उसकी अपील लंबित रहने तक सजा निलंबित करने का फैसला सुनाया है।

बेल के बाद भी जेल में रहेगा Kuldeep Sengar

खास बात ये है कि रेप केस में बेल मिलने के बाद भी कुलदीप सेंगर जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। वह पीड़िता के पिता के कस्टोडियल मौत मामले में 10 साल की सजा काट रहा है इसलिए वो जेल में ही रहेगा। सेंगर मामले में कांग्रेस ने भी काफी उग्र रूप धारण किया हुआ है।

हाई कोर्ट केसले पर भड़की मुमताज पटेल

कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने कहा, 'यह बहुत बड़ा झटका है, जिस तरह हाईकोर्ट ने एक टेक्निकल वजह से सेंगर को क्लीन चिट दे दी है। यह देश में एक बहुत गलत मिसाल कायम कर रहा है, इस फैसले से उनका आत्मविश्वास कितना टूट गया होगा। सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि पूरे देश की महिलाओं का खुद पर से भरोसा टूट गया है।'

क्या है पूरा मामला? (Kuldeep Singh Sengar Row)

उन्नाव रेप केस 2017 का है, कुलदीप सिंह सेंगर भारतीय जनता पार्टी का पूर्व विधायक हैं, जिसे बलात्कार, हत्या, हत्या की कोशिश और आपराधिक धमकी के लिए दोषी ठहराया गया है। वह उन्नाव बलात्कार मामले में मुख्य आरोपी था, उस पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। सेंगर पर पुलिस हिरासत में पीड़िता के पिता सहित तीन लोगों की हत्या करने और बाद में एक साजिश के तहत ट्रक दुर्घटना में उसकी चाचियों को मारने का भी आरोप था।

कस्टोडियल डेथ के मामले में 10 साल की सजा हुई थी

दिल्ली जिला सत्र न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की गई जांच को सही ठहराया था। उसे पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ के मामले में 10 साल की सजा हुई थी लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि सेंगर 7 साल और 5 महीने की जेल काट चुका है इसलिए उसकी अपील लंबित रहने तक सजा निलंबित की जा सकती है जिसके बाद बवाल मच गया है।

Kuldeep Singh Sengar का राजनीतिक सफर

कुलदीप सिंह सेंगर का जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हुआ था। स्थानीय स्तर पर राजनीति से जुड़े रहने के बाद उसने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। सेंगर ने 1990 के दशक की शुरुआत में कांग्रेस (INC) से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था इसके बाद साल 2002 में, वह बहुजन समाज पार्टी (BSP) के टिकट पर उन्नाव से जीता था लेकिन इसके बाद वो कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण BSP से निकाल दिए गया था जिसकेबाद उसने सपा ज्वाइन की।

अलग-अलग पार्टियों के टिकट पर 4 विधानसभा चुनाव जीते

2007 , 2012 में भी सेंगर ने चुनाव जीता लेकिन साल 2015 में कुलदीप सिंह की पत्नी संगीता सिंह ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जिला पंचायत प्रमुख का चुनाव जीता, जिसके बाद पार्टी उनसे अलग हो गई इसके बाद सेंगर ने साल 2017 का चुनाव भाजपा के टिकट पर बांगरमऊ से जीता। वो उन्नाव क्षेत्र से तीन अलग-अलग पार्टियों के टिकट पर 4 विधानसभा चुनाव जीत चुका है।

बीजेपी ने किया Kuldeep Singh Sengar को सस्पेंड

लेकिन साल 2017 में उन्नाव से जुड़ा दुष्कर्म मामला सामने आया, जिसमें कुलदीप सिंह सेंगर पर एक किशोरी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा। लंबी जांच और सुनवाई के बाद वर्ष 2019 में अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराया, उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसमें से 10 लाख रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया गया था। कोर्ट के इस आदेश के बाद सेंगर को बीजेपी पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था।

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