अखिलेश को जिताने के अलावा धनंजय को हराने मल्हनी में क्यों उतरे मुलायम सिंह यादव, जानिए
लखनऊ, 5 मार्च: उत्तर प्रदेश की राजनीति में धरतीपुत्र कहे जाने वाले सपा के वयोवृद्ध नेता और पूर्व सीएम मुलायम सिंह इतने बूढ़े और बीमारी से घिरे होने के बावजूद वोट मांगने पूर्वांचल के जौनपुर की मल्हनी सीट पर पहुंचे, जहां से बाहुबली धनंजय सिंह की राजनीतिक किस्मत दांव पर लगी है। 17 फरवरी को मुलायम सिंह यादव अपने बेटे अखिलेश के लिए प्रचार करने करहल में गए थे। वहां उनके बेटे अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं जबकि दूसरी बार अपने चहते नेता पारसनाथ यादव के बेटे लकी यादव के प्रचार के लिए मल्हनी पहुंचे। क्या कारण है कि मुलायम सिंह इतने बूढ़े और बीमारी से घिरे होने के बावजूद वोट मांगने पूर्वांचल के जौनपुर की मल्हानी सीट पर पहुंचे, जहां से बाहुबली धनंजय सिंह का राजनीतिक भाग्य दांव पर लगा है? क्या मुलायम सिंह एक बार फिर बाहुबली धनंजय का खेल खराब करेंगे?

मल्हनी सीट पर प्रचार करने क्यों पहुंचे मुलायम
साल 2012 में जौनपुर के बाहुबली धनंजय सिंह का सियासी ग्राफ गिर रहा था। नौकरानी की हत्या का आरोप उनकी पत्नी जागृति सिंह पर लगा था। इस मामले में धनंजय और उनकी पत्नी को जेल जाना पड़ा था। इसके बाद साल 2012 में ही जागृति ने मल्हानी से विधायक का फॉर्म भरा, लेकिन हार गईं। इसके बाद लाख कोशिशों के बावजूद धनंजय कभी विधायक नहीं बन पाए। उनकी सियासी हार का सिलसिला 2020 के उपचुनाव तक भी नहीं रुका। यूपी की 403 विधानसभा सीटों में से मल्हनी सीट का क्या राजनीतिक महत्व है कि मुलायम सिंह को खुद चुनावी मंच पर आना पड़ा? यह सवाल सियासी गलियारों में चर्चा के केंद्र में है, क्योंकि जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट बाहुबली धनंजय सिंह के राजनीतिक सरगर्मियों में शामिल रही है। यहां से सपा नेता और मुलायम सिंह के बेहद करीबी रहे पारसनाथ यादव दो बार विधायक चुने गए। वह मुलायम कैबिनेट में मंत्री भी थे। पारसनाथ यादव 7 बार विधायक, 2 बार जौनपुर से सांसद और तीन बार यूपी कैबिनेट में मंत्री रहे।

2017 में मुलायम ने बिगाड़ा बाहुबली धनंजय का खेल
यूपी विधानसभा चुनाव में 2017 का चरण समाजवादी पार्टी और मुलायम परिवार के लिए एक अग्निपरीक्षा की तरह था। तभी मुलायम के घर में कोहराम मच गया। अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लंबी लड़ाई चल रही थी। तब भी मुलायम घर छोड़कर जौनपुर पहुंचे। यहां बाहुबली धनंजय सिंह ने अपनी जीत का पूरा प्लान बनाया था। लेकिन तभी जौनपुर की मल्हनी विधानसभा के चुनावी मंच पर मुलायम सिंह की एंट्री हुई। तब राज्य में जाति समीकरण और राजनीतिक स्थिति को देखते हुए धनंजय सिंह ने मान लिया था कि उनकी जीत निश्चित है। लेकिन, जब मुलायम ने समाजवादी पार्टी के दबंग नेता पारस नाथ यादव के लिए वोट मांगते हुए मल्हनी से इमोशनल स्पीच दी। वो स्टेज पर चढ़ गए और बोले- हम आए हैं पारस के लिए, तुम लोग उसे जिताना। मुलायम ने पारस यादव का हाथ अपने हाथों में लेकर जनता की तरफ उठाते हुए उनका अभिवादन किया। उनकी इस अपील के बाद जौनपुर की मल्हनी सीट पर सारा खेल उल्टा हो गया। निषाद पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे धनंजय सिंह पारस नाथ यादव से 11 हजार वोटों से हार गए। इसके बाद पारसनाथ अखिलेश कैबिनेट में मंत्री भी बने।

2020 में एसपी ने फिर बिगाड़ा धनंजय का खेल
पारसनाथ यादव का जून 2020 को निधन हो गया। मल्हनी विधानसभा सीट खाली हो गई। इस बार सपा ने पारसनाथ के बेटे लकी यादव को मैदान में उतारा है। धनंजय सिंह ने फिर सोचा कि पारसनाथ यादव, जो उनकी राह में सबसे बड़ा काटा थे, अब नहीं रहे। इसलिए वह चुनाव जीत सकते हैं। बाहुबली धनंजय ने पूरी ताकत झोंक दी। लेकिन, मुलायम परिवार पारस के बेटे लकी यादव के साथ खड़ा था। धनंजय और लकी यादव के बीच मुकाबला हुआ। निर्दलीय धनंजय सिंह को 68,836 वोट और सपा के लकी यादव को 73,468 वोट मिले। धनंजय एक बार फिर मल्हनी सीट से करीब 5 हजार वोटों से चुनाव हार गए। इससे पहले धनंजय ने अपनी पूर्व पत्नी डॉ जागृति सिंह को 2012 के विधानसभा चुनाव में मल्हनी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ाया था, लेकिन वह पारसनाथ यादव से हार गईं। धनंजय सिंह की मल्हनी में यह पहली हार थी। इसके बाद वे 2014 में जौनपुर से भाजपा प्रत्याशी केपी सिंह से लोकसभा चुनाव हार गए थे।

क्या पारस के बेटे के लिए 'लकी' साबित होंगे मुलायम?
2022 में भी मुलायम सिंह यादव पारस नाथ के परिवार को नहीं भूले। उन्होंने लकी यादव के लिए जौनपुर के मल्हनी की यात्रा की। शुक्रवार दोपहर यहां जनसभा का आयोजन किया गया। बाहुबली धनंजय सिंह का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, "वहां अन्याय हो रहा है। आप लोग समाजवादी पार्टी को जीत दिलाएं। मुलायम सिंह ने युवाओं की बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं के बारे में बात की। जिस तरह उन्होंने पारसनाथ यादव के लिए जनता का संकल्प लिया, उसी तरह उन्होंने उनके बेटे लकी यादव के लिए अपील की। मुलायम ने मल्हनी की जनता से कहा- "अपने संकल्प के साथ जाओ, आपको सपा को जीत दिलाना है"। मुलायम सिंह के मल्हनी के आगमन से ही पता चलता है कि वह अपने युग के नेताओं के साथ किस हद तक संबंध बनाए रखते हैं। पूर्वांचल में जौनपुर के मल्हनी विधानसभा क्षेत्र में मुलायम के आने से सियासी हलचल तेज हो गई है।












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