जानिए क्या है Yogi सरकार की Arohini Schene, लड़कियों को कितना मिल रहा इसका फ़ायदा

Arohini Schene : कार्यक्रम को तीन चरणों में लागू किया जाना है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने कहा कि तीन चरणों में लागू होने वाले आरोहिनी कार्यक्रम का मकसद लैंगिक भेदभाव को दूर करना है।

योगी आदित्यनाथ

Arohini Schene in UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए मिशन शक्ति सहित कई कार्यक्रम चला रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर समाज के वंचित वर्ग की बेटियों को सक्षम और स्वावलंबी बनाने के लिए एक नया अभियान शुरू किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समग्र शिक्षा अभियान उत्तर प्रदेश एक गैर सरकारी संगठन के सहयोग से राज्य के सभी 746 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में लड़कियों की सुरक्षा के लिए 'आरोहिनी प्रशिक्षण कार्यक्रम' के तहत काम करेगा।

लड़कियों को सक्षम बनाने की कवायद

अभियान का उद्देश्य लड़कियों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने में सक्षम बनाना है। बालिकाओं को सक्षम बनाने के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की पूर्णकालिक शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो न केवल बालिकाओं को शिक्षित करेंगी बल्कि उनकी मदद भी करेंगी। शिक्षकों का प्रशिक्षण लखनऊ में एक फरवरी से शुरू होगा।

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    तीन चरणों में लागू होगा ये कार्यक्रम

    कार्यक्रम को तीन चरणों में लागू किया जाना है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने कहा कि तीन चरणों में लागू होने वाले आरोहिनी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव को दूर करना है। इस कार्यक्रम के तहत 1 फरवरी से पहले चरण में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    कस्तूरबा गांधी की टीचर करेंगी प्रशिक्षित

    प्रत्येक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की दो शिक्षिकाएं प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी, जो बाद में विद्यालय की छात्राओं को शिक्षित करेंगी। संस्था शिक्षकों के साथ-साथ वाद-विवाद व अन्य गतिविधियों के माध्यम से भी छात्राओं को तैयार करेगी। तीसरे चरण में लैंगिक संवेदनशीलता के मुद्दे पर लोगों को जागरूक करते हुए सामुदायिक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।

    बेसिक शिक्षा विभाग करेगा अभियान की समीक्षा

    बेसिक शिक्षा विभाग के तहत पूरे प्रदेश में 746 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैं, जिनमें से 56 को 12वीं कक्षा तक क्रमोन्नत कर दिया गया है। आरोहिनी इन युवा लड़कियों की समस्याओं से निपटती है। वार्डन प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों का चयन करेंगे। इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी इस पूरे कार्यक्रम की समय-समय पर समीक्षा करेंगे।

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