'धार्मिक टिप्पणी करने से नेताओं को बचना चाहिए', स्टालिन के बयान पर बोले केशव मौर्य
Keshav Prasad Maurya: तमिलनाडु के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान पर देशभर में हंगामा मचा हुआ है। 'सनातन धर्म' पर दिए गए खेल मंत्री स्टालिन के बयान पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया सामने आई है।
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को धार्मिक टिप्पणी करने से बचना चाहिए...यह समाज में विद्वेष पैदा करने का एक असफल प्रयास है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।

डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि समाज के लोगों का आपस में जो मेल-मिलाप है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत के लिए, शानदार ढंग से काम हो रहा है उसमें जो लोग विष घोलने का काम करते है इससे उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि अच्छा होगा जो राजनीतिक नेता है उनको धार्मिक मामलों में किसी भी प्रकार की बयान बाजी के बचना चाहिए। यह धर्माचार्यों का विषय है। धर्माचार्यों को बैठ कर के चर्चा करना चाहिए। लेकिन, इस प्रकार के बयान का समाज में कोई स्थान नहीं है।
इस दौरान केशव मौर्य ने कहा कि इस बयान से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन, समाज समाज में विद्वेष पैदा करने का एक असफल प्रयास है। इसकी मैं कड़ी आलोचना करता हूं।
क्या कहा था तमिलनाडु के खेल मंत्री स्टालिन ने
दरअसल, तमिलनाडु के खेल मंत्री उदयानिधि स्टालिन ने कहा था कि सनातन धर्म मच्छर के डेंगू और मलेरिया की तरह है, इसे खत्म कर देना चाहिए। सनातन मिटाओ कार्यक्रम में बोलते हुए स्टालिन ने यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैं आयोजकों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे बोलने का मौका दिया। मैं शुक्रगुजार हूं कि इन्होंने इस कार्यक्रम का नाम सनातन का विरोध नहीं बल्कि सनातन को मिटाओ रखा।












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