कारगिल युद्ध में शहीद हुए कर्नल सरबजीत सिंह का घर बना खंडहर, उसमें पड़ोसी पाल रहे हैं सुअर
सहारनपुर। आज पूरा देश कारगिल दिवस मना रहा है और अपने मातृभूमि की खातिर अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। लेकिन यहां पर कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की बलि देने वाले शहर निवासी शहीद लेफ्टिनेंट सरबजीत सिंह के साथ उनके घर को भुला दिया गया है। शहीद के घर पर कब्जा करके पशु पालन किया जा रहा है। जिला प्रशासन को छोड़कर हर किसी की नजर शहीद के घर पर है।

वर्ष 1999 में हुए कारगिल युद्ध में शहर के अंबाला रोड निवासी मिल कालोनी निवासी लेफ्टिनेंट सरबजीत सिंह ढींडसा भी कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। उनकी याद में मिल कालोनी के बाहर द्वार बनाया गया था। करीब दस साल पहले कमेटी के विवाद में शहीद के परिजनों ने भी घर छोड़ दिया था। उनकी माता का इस गम में निधन हो गया था। अब शहीद का परिवार कहां है, किसी को नहीं पता है। उधर शहीद के घर एक एक कर सभी खिड़की और दरवाजे गायब हो गए हैं। जिससे शहीद का यह घर अब खंडहर हो चुका है।
वर्तमान में शहीद के घर पर अवैध कब्जा करके सूअर पालन किया जा रहा है। देश के लिए शहीद होने वाले लेफ्निेंट सरबजीत सिंह ढींडसा के आशियाने और निशानी को संरक्षण व सम्मान देने के स्थान पर जिला प्रशासन अनदेखी कर रहा है। जिला प्रशासन को छोड़कर सभी की निगाहें शहीद के घर पर है। इस मकान के कुछ हिस्से पर अवैध कब्जा भी किया जा चुका है। उधर, नगर निगम के नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें इस बाबत कोई जानकारी नहीं थी। यदि ऐसा है तो शहीद के घर को कब्जामुक्त कराकर सम्मान दिया जाएगा और शहीद की निशानी यानि उनके घर को संरक्षण भी दिया जाएगा।












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