करौली बाबा ने 3 सालों में खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, चलते हैं हथियारों से लैस गार्ड के साथ
kanpur karoli baba news: करौली बाबा संतोष सिंह भदौरिया का भौकाल किसी देश के राष्ट्रपति से कम नहीं है। आइए जानते हैं करौली बाबा उर्फ करौली सरकार संतोष सिंह भदौरियां के बारे में कुछ अहम बातें....

Karauli Baba: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के संतोष सिंह भदौरिया उर्फ करौली बाबा इन दिनों खासे चर्चा में है। करौली बाबा पर अपने ही एक भक्त को बाउंसरों से पिटवाने का आरोप लगा है। भक्त नोएडा का रहने वाला हैं और पेश से डॉक्टर है। भक्त की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है। इस बीच करौली सरकार अपने अजीबोगरीब बयानों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। आइए जानते हैं करौली बाबा उर्फ करौली सरकार संतोष सिंह भदौरियां के बारे में कुछ अहम बातें....
किसी से कम नहीं करौली बाबा का भौकाल
करौली बाबा संतोष सिंह भदौरिया मूल रूप से उन्नाव के बारह सगवर के रहने वाले है। लेकिन, उनका भौकाल किसी देश के राष्ट्रपति से कम नहीं है। करौली बाबा के बारे में ऐसा बताया जाता है कि वह जिस रास्ते से निकलते हैं वहां पहले हथियार बंद गार्ड रास्ता खाली कराते हैं, फिर बाबा निकलते हैं। करौली बाबा के पास तीन रेंज रोवर गाड़िया हैं और हथियारबंद 20 गार्ड वाकी टॉकी के साथ चलते हैं। जो रास्ता साफ कराने के लिए लाल झंडी का प्रयोग करते हैं।
3 सालों में खड़ा किया करोड़ा का साम्राज्य
करौली बाबा का आश्रम कानपुर जिले के बिधनू थाना क्षेत्र के करौली गांव में है और 14 एकड़ में फैला हुआ है। आश्रम को लोग करौली सरकार धाम के नाम से भी जानते है। करौली बाबा अपने तंत्र-मंत्र का प्रचार यू-ट्यूब के जरिए शुरू किया और देखते ही देखते बाबा खूब फेमस हो गए। बाबा के ऊपर मां लक्ष्मी ने भी अपनी कृपया की और धन की वर्षा शुरू हो गई। इसके बाद करौली बाबा संतोष सिंह ने महज तीन साल में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया। वहीं, आश्रम में 17 देशों से करौली बाबा के भक्त आते हैं।
4 से 5 हजार पहुंचते हैं लोग, कटानी पड़ती है रसीद
करौली बाबा के आश्रम में प्रतिदिन 4 से 5 हजार लोग पहुंचते हैं। ऐसा बताया जाता है कि अमावस्या वाले दिन भक्तों की तादाद 20 हजार तक पहुंच जाती है। वहीं, कार्तिक पूर्णिमा पर यहां विशेष आयोजन होते हैं। बता दें, करौली आश्रम में दो मंदिर हैं। एक मंदिर राधा रमण मिश्र का और दूसरा मां कामाख्या का है। खास बात यह है कि यहां आने के बाद से ही वसूली का खेल शुरू हो जाता है। आश्रम में आने वाले भक्तों को सबसे पहले 100 रुपये में रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके बाद 100 रुपये बंधन का चार्ज लगता है। बंधन यानी कमर पर सफेद धागा बांध दिया जाता है। इसे हर तीन महीने में रिन्यू भी कराना होता है।
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हवन में आता है 50 हजार से 1 लाख तक का खर्च
खबर के मुताबिक, करौली बाबा के दरबार में 100-100 रुपये की दो अर्जियां भी लगानी होती हैं। साथ ही, उन्हें 8वें और 9वें दिन के हवन में शामिल होना होता है। इसके लिए करीब 6 हजार रुपये का खर्चा आता हैं। अगर आप 9 दिनों तक आश्रम में रुकते हैं और खाना-पीना करते हैं तो उसका खर्च अलग से। अगर कोई यहां हवन करना चाहता है तो आश्रम की तरफ से 3500 रुपये की एक हवन किट दी जाती है। वहीं, हवन करने का मंत्र करौली बाबा यानी संतोष बाबा खुद देते हैं। इतना ही नहीं, इस हवन का खर्चा 50000 से लेकर 100000 तक हो जाता है। बता दें, अगर कुछ खास करना चाहे तो खर्चे की कोई सीमा नहीं है।












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