UP के 75 जिलों में 31 अगस्त को होगी कल्याण की श्रद्धांजलि सभा, अखिलेश को 'भूल सुधार' का एक और मौका देगी BJP
लखनऊ, 28 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी अपनी चुनावी तैयारियों में जुटा है। बीजेपी ने कल्याण सिंह को जिस तरह से अंतिम विदाई दी थी। इस मौके पर संगठन तथा सरकार दोनों एक पांव पर खड़े रहे उससे ये जाहिर हो गया था के भाजपा आने वाले दिनों में भी कल्याण सिंह की इमेज को भुनाने की पूरी कोशिश करेगी। भाजपा ने पूरे प्रदेश में कल्याण की श्रद्धांजलि यात्रा निकालने का फैसला किया है। इसकी शुरूवात 31 अगस्त से की जाएगी। हालांकि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि लखनऊ में अयोजित श्रद्धांजलि सभा में अखिलेश यादव शामिल हो सकते हैं।

दरअसल कल्याण सिंह का निधन 21 अगस्त को हो गया था। उनके निधन के बाद 22 अगस्त को पीएम मोदी, डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती समेत कई बड़े नेताओं ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि दी थी। हालांकि पूर्व सीएम अखिलेश यादव उनके आवास नहीं पहुंचे थे जिसको लेकर सवाल भी खड़े हुए थे। इस मुददे को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, बीजेपी के नेता और कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज समेत कई लोगों ने अखिलेश पर हमला बोला था।
31 अगस्त को सभी 75 जिलों में कार्यक्रम
कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि सभा को लेकर यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने वन इंडिया डॉट काम को बताया कि, कल्याण सिंह न केवल बीजेपी के नेता थे बल्कि प्रणेता भी थे। कल्याण सिंह ने सरकार और संगठन चलाने के जो मंत्र दिया था उसपर सरकार आगे बढ़ने का काम कर रही है।
स्वतंत्र देव ने कहा कि,
''उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उनकी लोकप्रियता पूरे प्रदेश ही नहीं देश भर में थी। लोग उनको श्रद्धांजलि देना चाहते हैं जिसको देखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कल्याण सिंह ने हमेशा ही गांव, गरीब और पिछड़ों के लिए काम किया। पुर्वांचल और बुंदेलखंड विकास निधि की शुरुवात कल्याण सिंह जी ने ही की थी। सरकार कैसे चलती है, ऐसा उन्होंने करके दिखाया था।''

अखिलेश पर बीजेपी ने फिर बोला हमला
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने सपा के चीफ अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि वो कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि सभा में नही आए थे लेकिन बीजेपी अब उनको एक मौका और देगी। लखनऊ में अयोजित श्रद्धांजलि सभा में वो शामिल सकते हैं। दरअसल बीजेपी लगातार अखिलेश यादव पर हमलावर बनी हुई है। बीजेपी का कहना है की अखिलेश और मुलायम ने मुस्लिम वोट बैंक के लालच मे कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि देने नही आए। अगर दोनो ने उनका अंतिम दर्शन कर लिया होता तो कारसेवकों पर गोली चलाने का पाप धुल जाता।

मुलायम की बहू अपर्णा और शिवपाल ने कल्याण को दी थी श्रद्धांजलि
दरअसल, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव राम मंदिर के नायक कल्याण सिंह के अंतिम संस्कार में न जाकर विपक्ष के आरापों से घिरे हुए हैं। हालांकि विपक्ष आरोप लगा रहा है कि मुलायम परिवार कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने इसलिए नहीं गया क्योंकि उन्हें मुसलमान वोट बैंक की चिंता सता रही थी। विपक्ष के बढ़ते हमलों के बीच मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई और प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने बुधवार को अलीगढ़ जाकर कल्याण के परिजनों से मुलाकात की थी। हालांकि मुलायम की बहू अपर्णा यादव ने भी कल्याण सिंह को उनके आवास जाकर श्रद्धांजलि दी थी और योगी सरकार के साथ अपने रिश्तों का भरपूर खयाल रखा था।












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