तंत्रमंत्र कर औरतों को झांसा देने, हत्या के मामले में फरार चल रहे जूना अखाड़े का साधु गिरफ्तार
इलाहाबाद। अर्धकुम्भ 2007 में अपने गुरु भाई शनिपुरी हत्याकांड में वांछित चले रहे 25 हजार रुपये के इनामी साधु को इलाहाबाद पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ढोंगी साधु बिहार के मुंगेर स्थित एक मंदिर में कई सालों से अपना मायाजाल फैलाये हुए था। साधु वहां पर परमेश्वरी उर्फ पंचम बाबा के नाम से खूब चर्चा में था और जिन महिलाओं के संतान नहीं होती थी उन्हे गर्भवती होने के लिए भस्म देता था।

बेटियों की शादी कर बना था साधू
बिहार के बेगुसराय जिले के डीहा गांव निवासी परमेश्वरी पुरी उर्फ पंचम पहले दाम्पत्य जीवन में था। उसके कोई बेटा नहीं था, लेकिन बेटे की चाहत में एक के बाद एक 9 बेटियां हुई। 2006 तक उसने अपनी सभी 9 बेटियों की शादी की और फिर सन्यासी जीवन व्यतीत करने के लिये घर से निकल पड़ा। परमेश्वरी ने जूना अखाड़े में एक संत की सेवा शुरू की तो संत ने प्रसन्न होकर उसे शिक्षा दीक्षा भी दी। उसे बनारस से अखाड़े में सदस्यता मिल गई।

अर्धकुम्भ में कर दी हत्या
पुलिस के अनुसार इलाहाबाद में संगम की रेती पर 2007 में अर्धकुम्भ लगा था। परमेश्वरी भी जूना अखाड़े के साथ इलाहाबाद आया था। यहां जूना अखाड़े के शिविर में वह गुरुभाई बाबा शनिपुरी के साथ रहता था। इस दौरान शिविरों में चौकी व अन्य सामान की सप्लाई करने वाले हाशिम रजा उर्फ अमन से उसकी दोस्ती हो गई और यह दोनों भी इस काम में जुट गये। इसी दौरान करीब दो लाख रुपये को लेकर दोनों गुरुभाइयों में विवाद हुआ तो परमेश्वरी पुरी और हाशिम ने मिलकर शनिपुरी की गला घोंटकर हत्या कर दी और बाथरूम में उनका शव टांग दिया ताकि लोगों को लगे कि उन्होंने आत्महत्या कर ली।

25 हजार का था इनाम
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए हाशिम को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वारदात के बाद से ही परमेश्वरी फरार था। शनिपुरी हत्याकांड में वांछित परमेश्वरी पर 25 हजार का इनामी भी घोषित हुआ लेकिन वह नहीं मिला। लगभग 11 साल बाद अब मुंगेर स्थित एक मंदिर से उसे दबोच लिया गया। जिसे लिखा-पढ़ी के बाद जेल भेज दिया गया है।












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