बरेली हादसा: जुम्मन के जिंदा होने की खबर पाकर दुगुनी हुई ईद की खुशियां
पत्नी इंतजार में थी कि ईद पर पति एक साल बाद घर आ रहा है लेकिन जैसे ही बरेली बस हादसे की खबर पहुंची, वह शोक में डूब गई लेकिन फिर खुशखबरी मिली।
बरेली/अमेठी। गरीब जुम्मन दिल्ली में रहकर मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहा था। रविवार शाम 5 बजे उसने पत्नी से बात की और बताया कि वो परिवार के साथ ईद मनाने के लिए आ रहा है जिससे घर में सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। सोमवार की शाम उसके दोस्त ने फोन पर हादसे की जो ख़बर सुनाई उसके बाद कोहराम मच गया लेकिन बाद में जुम्मन के जिंदा होने की जानकारी मिली तो ईद की खुशियां घर में फिर लौट आईं।

जुम्मन के जिंदा होने की परिजनों में खुशी
बरेली मे बस और ट्रक के आमने सामने की टक्कर से लगी आग से चपेट मे आने से 25 लोग अपनी जान गँवा चुके हैं। वहीं कुछ लोग खुशनसीब हैं जिन्होंने मौत को भी अपने साहस मात दे दी। अमेठी के रहने वाले जुम्मन शाह इस हादसे में बाल-बाल बच गए। जुम्मन के बचने की खबर से जुम्मन के परिवार मे ईद की खुशियां दुगुनी हो गई है। अब परिवार के लोगों को जुम्मन के ठीक होने का इंतज़ार है ताकि वह हर ईद की तरह बच्चों को अपने हाथ से ईदी दे सकें।

बरेली के अस्पताल में चल रहा जुम्मन का इलाज
जुम्मन का बरेली के एसआरएमएस हॉस्पिटल मे इलाज चल रहा है। प्रशासन से मिली जानकारी अनुसार हादसे में जुम्मन का शरीर लगभग 50 प्रतिशत जल गया था लेकिन अब उसकी हालत खतरे बाहर है | जुम्मन के परिवार के लोग जुम्मन के कुशल होने की जानकारी से खुश हैं। बरेली डीएम कण्ट्रोल रूम पर तैनात श्री सक्सेना बताया कि जुम्मन शाह के साथ अन्य 6 लोग एसआरएमएस भर्ती है जहां उनका इलाज चल रहा है।

दिल्ली में रहकर करता है माली का काम
जुम्मन तिलोई विधानसभा के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र अन्तर्गत चेतरा बुजुर्ग गांव निवासी है। बताया जा रहा है कि सात भाइयों में जुम्मन दूसरे नम्बर पर है। गरीबी के चलते चार बच्चों के भरण-पोषण का ख़र्च की जिम्मेदारी उसी पर है। खेती-बारी थी नहीं तो वह दिल्ली चला गया। वहां रहकर वो माली का काम करता है।












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