High Court lawyers: जज भगवान नहीं, जनता के सेवक हैं, माई लॉर्ड नहीं कहेंगे, हाईकोर्ट के वकीलों ने लिया फैसला
High Court lawyers: इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकील बुधवार से हड़ताल पर है। शुक्रवार को भी हाईकोर्ट के वकील हड़ताल पर रहे। इस दौरान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने एक बैठक किया। बैठक में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने फैसला लिया कि अब जजों को माय लॉर्ड या योर लॉर्डशिप कहकर संबोधित नहीं करेंगे।
वकीलों का कहना है कि हाईकोर्ट न्याय का मंदिर नहीं बल्कि इंसाफ देने का न्यायालय है। हाईकोर्ट के जज भगवान नहीं बल्कि पब्लिक के सर्वेंट है। साथ ही यह भी कहा गया की जनता के टैक्स से जमा हुए पैसे से जज को तनख्वाह दी जाती है।

सर और योर ऑनर या फिर माननीय कहेंगे वकील
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि माय लॉर्ड या योर लॉर्डशिप कहने की जगह वकील जज को सर और योर ऑनर या फिर माननीय कहकर संबोधित करेंगे। बैठक में प्रस्ताव पास करने के बाद वकील कार्य से विरत रहे।
इस दौरान यह भी कहा गया कि जो भी वकील हड़ताल के ऐलान के बावजूद अदालत में पेश हो रहे हैं या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बहस कर रहे हैं उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी। इसके अलावा ऐसे वकीलों को ब्लैकलिस्टेड भी किया जाएगा।
इसके साथ ही यह अभी कहा गया कि ऐसे वकीलों को कोई भी सुविधा नहीं दी जाएगी और दोबारा यदि वे हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की सदस्यता लेना चाहेंगे तो उन्हें सदस्यता भी नहीं दी जाएगी। इस बारे में जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रेस पुनीत कुमार शुक्ल द्वारा प्रेस नोट जारी करके इस बात की जानकारी दी गई।
दरअसल, हाईकोर्ट के वकील बीते बुधवार से ही अपने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर। वकीलों का कहना है कि नए-नए जज आने के बाद जज वकीलों को नहीं पहचानते हैं तथा फैसला सुनाने में हिला हवाली करते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य बातों को लेकर ही वकीलों द्वारा कार्य बहिष्कार जारी है।
शुक्रवार को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकतर वकील हड़ताल पर रहे, जिसके चलते जिन लोगों के मामले हाईकोर्ट में लंबित थे, उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हाईकोर्ट पहुंचने के बाद भी वादी और प्रतिवादी निराश होकर लौटते नजर आए।












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