मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या, क्या सुरक्षित हैं यूपी के बाकी जेल ?
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मुन्ना को कल (रविवार) को ही झांसी की जेल से बागपत जेल में शिफ्ट किया गया था। आज सोमवार को डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत कोर्ट में पेशी थी। उनपर बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित से वसूली और रंगदारी मांगने के आरोप था। इसी दौरान जेल में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

प्रदेश के जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को रखा जाता है, जिससे कैदियों के बीच अक्सर मारपीट होने की खबरें सामने आती रहती हैं। कभी-कभी ये मारपीट खूनी संघर्ष में तब्दील हो जाता है और कैदियों की जान तक चली जाती है। मामले में जेल प्रशासन केवल सुरक्षा मजबूत करने और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की बात कहकर चुप हो जाते हैं। समय बीतने पर इस आश्वासन को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई और जेल प्रशासन को भनक तक नहीं लगा। इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के जेलों में कितनी लापरवाही की जाती है। यूपी की जितनी भी जेलें हैं सभी में क्षमता से अधिक कैदी भरे हुए हैं। सूबे के सभी 70 जेलों का यही आलम है।
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मुरादाबाद जेल का हाल सबसे खराब
जेल में उपद्रव होने पर जेलों के हालात पर ज़िम्मेदार चिंता जताते हैं, लेकिन समय के साथ ही उनकी चिंता मौन में बदल जाती है। कैदियों की बहुतायत से जेलें अक्सर सुलग उठती है। उत्तर प्रदेश की जेलों की ताजा आंकड़े चौंकाने वाले हैं। प्रदेश के कुल 70 जिला जेलों में 58,111 कैदियों को रखने की क्षमता है। इसके विपरीत वर्तमान में इन जेलों में तकरीबन एक लाख 95 कैदियों को बंदी बनाकर रखा गया है। इन कैदियें में 28,382 दोषसिद्ध और 71,713 विचाराधीन हैं।
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मिली जानकारी के मुताबिक मुरादाबाद जिला जेल की स्थिती बेहद खराब है। यहां कुल 652 कैदियों को रखने की क्षमता है, लेकिन क्षमता से पांच गुना अधिक लगभग 3,023 कैदियों को बंद किए गए हैं।
अलीगढ़ जेल में बंद हैं हाथरस के बंदी
दूसरे पायदान पर अलीगढ़ जेल है, यहां कुल 1,148 कैदियों को बन्द करने की क्षमता है, लेकिन यहां लगभग 3,192 कैदी बन्द हैं। इनमें 663 दोषसिद्ध जबकि 2,529 विचाराधीन कैदी हैं।
'हाथरस' के जिला बनने के बाद यहां जेल का निर्माण होना था लेकिन इसका निर्माण अब तक नहीं हो सका है। नतीजतन, हाथरस जिले में आपराधिक घटनाओं में अरेस्ट होने वाले कैदियों को फिलहाल अलीगढ़ जेल में ही बंद किया जाता है। मौजूदा समय में अलीगढ़ जेल में हाथरस के 1100 कैदी बंद हैं।
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