आखिर किसके साथ हैं मुलायम सिंह यादव, बेटे अखिलेश या फिर भाई शिवपाल?
लखनऊ। शिवपाल यादव के समाजवादी पार्टी से अलग जाने के बाद हर किसी के मन में एक ही सवाल चल रहा है कि मुलायम सिंह यादव किसका साथ देंगे, बेटे अखिलेश यादव का या फिर भाई शिवपाल का? जैसा कि आप सभी जानते हैं कि शिवपाल यादव ने भतीजे अखिलेश यादव से अपने रास्ते अलग कर लिए हैं और नई पार्टी समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन कर लिया है। लेकिन इन सब के बीच जो सवाल प्रमुखता से खड़ा होता है वो ये कि आखिर मुलायम सिंह यादव खुद को किसके पाले में खड़ा रखना चाहते हैं। एक तरफ तो वे अखिलेश के साथ दिखाई देते हैं तो दूसरे ही पल भाई शिवपाल के साथ। ऐसी कई बातें हैं जो इस सवाल को लेकर संशय की स्थिति पैदा करते हैं।

शिवपाल यादव के साथ नेता जी के रिश्ते
शिवपाल यादव ने जब अपनी पार्टी का गठन किया था तो उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि इस पार्टी का गठन उन्होंने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव के साथ सलाह-मशविरा करके किया है। पार्टी निर्माण की सलाह मुलायम सिंह ने ही दी थी और उन्हीं के आशीर्वाद से ये संभव हो सका। इतना ही नहीं शिवपाल ने मुलायम सिंह को सपा में उपेक्षित बताया था और दावा किया है कि मुलायम सिंह मैनपुरी से मोर्चा के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे। इसी के साथ बैनर से लेकर पोस्टर तक यहां तक की शिवपाल ने अपनी पार्टी के झंडे पर भी शिवपाल यादव की तस्वीर लगा रखी है। पार्टी बनने के बाद से शिवपाल के कई कार्यक्रमों में मुलायम सिंह दिखाई भी दिए। ऐसे में माना जा रहा था कि इस धर्मयुद्ध में मुलायम सिंह भाई शिवपाल के साथ हैं।

बेटे अखिलेश के साथ संबंध
लेकिन रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर साइकिल रैली के समापन इस सवाल का एक और जवाब सामने आया जब लंबे समय बाद पिता मुलायम सिंह यादव बेटे अखिलेश यादव के साथ मंच पर नजर आए और दोनों ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक साथ संबोधित किया। इस दौरान एक मौका ऐसा भी आया जब अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव बेहद भावुक दिखे। एक समय पिता से बगावत के आरोपों का सामना करने वाले अखिलेश यादव रविवार को मुलायम सिंह यादव के पैर छुए। मुलायम सिंह यादव नई दिल्ली में अखिलेश यादव के साथ ही प्रोफेसर रामगोपाल यादव के साथ मंच पर आकर क्या साबित करना चाह रहे हैं कि वे वह भाई के साथ नहीं बल्कि बेटे के साथ हैं?

किसके पाले में खड़े हैं मुलायम सिंह
जहां हफ्ते भर पहले भाई शिवपाल ने मुलायम को समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का मैनपुरी से प्रत्याशी घोषित किया है वहीं दिल्ली में समाजवादी पार्टी की साइकिल रैली के समापन में जनता को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने लोगों को सपा के उम्मीदरों को जिताने की अपील की। ऐसे में ये सवाल जस का तस बना हुआ है कि बेटे और भाई को एकसमान अटेंशन देने वाले मुलायम सिंह यादव आखिर किसकी तरफ हैं।












Click it and Unblock the Notifications