क्या अखिलेश का साथ छोड़ने से पहले निकाले जाने का इंतजार कर रहे हैं शिवपाल, जानिए परदे के पीछे की कहानी
लखनऊ, 22 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच वाकयुद्ध छिड़ा हुआ है। शिवपाल कई मंचों पर अखिलेश से अपमानित होने का आरोप लगा रहे हैं। शिवपाल बार बार यह बयाान दे रहे हैं कि अखिलेश उन्हें निकाल क्यों नहीं देते। शिवपाल का ये कहना ही अपने आपमें एक तरह के सवाल खड़ा कर रहा है कि यदि वाकई में वो अखिलेश से खफा हैं तो वह स्वयं सपा का साथ क्यों नहीं छोड़ देते। वह निकाले जाने का इंतजार क्यों कर रहे हैं। राजनीतिक पंडितों की माने तो शिवपाल के बयान में कई मायने छिपे हैं। वह चाहते हैं कि सपा अपनी ओर से निकाले जाने का ऐलान करें तो इसका सियासी लाभ मिलेगा। खुद छोड़ने से उन्हें उतनी तवज्जो नहीं मिलेगी।

विधानमंडल दल से बाहर क्यों नहीं कर देते अखिलेश
शिवपाल यादव ने अब अखिलेश यादव के खिलाफ खुला बयान दिया है। अब तक वह बिना नाम लिए पार्टी से अपनी नाराजगी की बात करते रहे थे। पहली बार उन्होंने सीधे अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। दरअसल, समाजवादी पार्टी के भीतर कहा जा रहा है कि वह बीजेपी के संपर्क में हैं। अखिलेश ने आगरा में एक कार्यक्रम में यह भी कहा था कि चाचा शिवपाल यादव बीजेपी के संपर्क में हैं। शिवपाल यादव पहले भी कई बार इन सवालों के जवाब देने की बात करते रहे हैं। अब उन्होंने सीधे अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा है कि अगर उन्हें लगता है कि मैं भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में हूं तो वह मुझे विधानमंडल दल से बाहर क्यों नहीं कर देते।

शिवपाल का रुख यूपी के सियासी गलियारे में चर्चा का विषय
शिवपाल यादव का यह सवाल अब लखनऊ के सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है। उनके इस सवाल के कई मायने बताए जा रहे हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अगर शिवपाल यादव उनकी तरफ से पार्टी छोड़ते हैं तो उन्हें दलबदल विरोधी कानून के तहत सदस्यता गंवानी पड़ सकती है। अखिलेश यादव अगर उन्हें पार्टी से बाहर करते हैं तो वह अपने खिलाफ साजिश की बात कर सकते हैं। शिवपाल यादव के बयान को यूं ही लिया जा रहा है। वहीं राजनीतिक पंडितों का दावा है कि शिवपाल के ताजा बयानों से साफ हो गया है कि समाजवादी पार्टी में उनके लिए कुछ खास नहीं बचा है।

शिवपाल पर अखिलेश ने किया था हमला
अखिलेश यादव ने बुधवार को शिवपाल यादव पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने शिवपाल यादव पर इशारों-इशारों में बीजेपी के करीबी होने का आरोप लगाया था। अखिलेश ने कहा था कि उन्हें छोड़ देना चाहिए। अब शिवपाल ने अपने बयान पर पलटवार किया है। शिवपाल ने अखिलेश के बयान को गैर जिम्मेदाराना करार दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर अखिलेश को लगता है, मैं बीजेपी के साथ हूं तो मुझे विधायक दल से निकाल दो। आजम भी इन दिनों अखिलेश यादव से नाराज चल रहे हैं। उनकी नाराजगी की खबर आने के बाद हाल ही में रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने परिजनों से मुलाकात की।

अखिलेश को निष्कासित करने का अधिकार
शिवपाल यादव ने कहा कि मैं समाजवादी पार्टी के 111 विधायकों में से एक हूं। उन्हें भारतीय जनता पार्टी के साथ मेरे संपर्क के लिए मुझे निष्कासित करने का अधिकार है। ऐसे में शिवपाल यादव ने बड़ा दांव खेला है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अखिलेश उन्हें पार्टी से हटा सकते हैं। शिवपाल के इस बयान को एक चुनौती के तौर पर भी देखा जा रहा है। शिवपाल यादव बड़े भाई और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे हैं। अभी भी सपा में मुलायम के करीबी नेताओं की कमी नहीं है। ऐसे में शिवपाल यादव अपने बयान के जरिए अखिलेश को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। अगर अखिलेश उन्हें हटाते हैं तो कई और विधायक भी इसके खिलाफ आ सकते हैं, इसकी भी आशंका जताई जा रही है।

राजभर के दावों का भी हुआ पर्दाफाश
शिवपाल यादव ने सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के दावों का भी पर्दाफाश किया है। राजभर ने पिछले दिनों दावा किया था कि वह और शिवपाल यादव एक बड़े कार्यक्रम के मंच पर एक साथ दिखाई देने वाले हैं। इस संबंध में शिवपाल ने कहा कि हमने ओम प्रकाश राजभर से बात नहीं की है। उसने चुटकी ली कि वह मेरे नाम से किसी और से बात कर रहा होगा।












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