OPINION: यूपी में औद्योगिक गलियारा लाएगा विकास और रोजगार, यूपी सरकार ने संभाला मोर्चा
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करके रोजगार सृजन के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश में कई ऐसी योजनाओं की शुरुआत की जा रही है जिससे प्रदेश तस्वीर बदल सके। इसी दिशा में जो एक्सप्रेस वे बन रहे हैं उसके दोनों और अब सरकार औद्योगिक गलियारा बसाने जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में पहले से निर्मित और निर्माणाधीन एक्सप्रेस परियोजनाओं के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा विकसित करने का फैसला लिया है। इसके लिए सरकार ने ब्याज रहित लोन मुहैया कराने का ऐलान किया है।

योगी सरकार ने हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में 3000 करोड़ रुपए के ऋण की मंजूरी दे दी है। यह ऋण बिना ब्याज के दिया जाएगा। कैबिनेट बैठक में यूपीडा को 3000 करोड़ रुपए का बजट उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है, यह पैसा ब्याज मुक्त है।
गौर करने वाली बात है कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के पास खुद का कोई वित्तीय स्रोत नहीं है। ऐसे में सरकार की ओर से यूपीडा को 3000 करोड़ रुपए देने का फैसला लिया है।
इस बजट के जरिए बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिककरण को औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए यूपीडा वित्तीय मदद मुहैया कराएगा। अहम बात यह है कि इस औद्योगिक गलियारे को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से कोई मदद नहीं ली जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया है। इस दौरान वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा विकसित करने का फैसला लिया है।
इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से यूपीडा को दी गई है। यूपीडा को 3000 करोड़ रुपए का ब्याजमुक्त ऋण मुहैया कराया गया था। यहां विकसित किए जाने वाले औद्योगिक गलियारे में वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े उद्योगों की स्थापना को वरीयता दी जाएगी। इस औद्योगिक गलियारे के विकसित होने से बड़े स्तर पर ना सिर्फ विकास को गति मिलेगी बल्कि रोजगार का सृजन भी होगा।
बता दें कि यूपी के एक्सप्रेसवे के आस-पास 500 औद्योगिक इकाइयां विकसित की जाएंगी। इसके लिए 1000 एकड़ जमीन भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। मुख्य रूप से आगरा, लखनऊ, पूर्वांचल व गंगाएक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। इसकी शुरुआत गंगा एक्सप्रेसवे से होगी।












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