IAS officer corruption: अभिषेक सिंह पर कार्रवाई, अखिलेश यादव बोले – ‘क्या इनकी संपत्ति पर भी चलेगा बुलडोजर?’
IAS officer corruption: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले को लेकर आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह पर हुई कार्रवाई के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर योगी सरकार को घेरते हुए तंज कसा। उन्होंने पूछा कि क्या इस अधिकारी की संपत्ति पर भी बुलडोज़र चलेगा या फिर कोई और समाधान निकाला जाएगा?
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भाजपा सरकार द्वारा कराई गई इन्वेस्टमेंट समिट के पीछे असली मकसद निवेश को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि इसमें कमीशनखोरी का लालच था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार को लेकर सख्त कार्रवाई करने का दावा करने वाली सरकार तब तक चुप बैठी रही, जब तक यह मामला खुलकर सामने नहीं आया।

सरकार की नीतियों पर अखिलेश का निशाना
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। कभी जनसभाओं में तो कभी सोशल मीडिया के जरिए वे भाजपा सरकार पर हमलावर रहते हैं। शुक्रवार को भी उन्होंने एक पोस्ट लिखकर प्रदेश में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर निशाना साधा था।
उन्होंने लिखा कि यूपी में "मुख्य-मुख्य-मुख्य" (मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और मुख्य वित्त अधिकारी) के गठजोड़ के कारण ही भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है। उन्होंने दावा किया कि यदि बंटवारा सही तरीके से नहीं हुआ तो किसी अधिकारी के 50 करोड़ रुपये चोरी हो जाते हैं और कोई अधिकारी गिरफ्तार हो जाता है।
क्या बुलडोजर नीति लागू होगी?
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की "बुलडोजर नीति" पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अब देखना होगा कि क्या इस भ्रष्टाचार में फंसे अधिकारी की संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलेगा या फिर सत्ता पक्ष के साथ सांठगांठ करके मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यूपी में "ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस" का असली चेहरा अब सामने आ चुका है। औद्योगिक विकास के नाम पर सरकार खुलेआम कमीशन मांग रही है और जब भ्रष्टाचार उजागर हो जाता है, तो केवल निलंबन का दिखावा किया जाता है।
योगी सरकार पर उठाए गंभीर सवाल
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि यूपी सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति नीति केवल दिखावटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर घोटाले किए जाते हैं और जब मामला तूल पकड़ लेता है, तब सरकार कार्रवाई का नाटक करती है।
अखिलेश ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार खत्म करना चाहती है, तो उसे केवल अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाना चाहिए। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।












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