UP: सिद्धार्थनगर में रील का किलर जुनून! एक की मौत, 15 घंटे तक हवा में लटकी रहीं 2 सांसें, IAF ने किया रेस्क्यू
Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में शनिवार की दोपहर एक ऐसी अनहोनी हुई, जिसने पूरे इलाके के रोंगटे खड़े कर दिए। जब तक लोग कुछ समझ पाते, एक मासूम की जान जा चुकी थी और दो बच्चे मौत के साये में 60 फीट की ऊंचाई पर हवा में लटके थे। प्रशासन की सारी मशीनरी फेल हो गई, बारिश ने रास्ता रोक दिया और फिर जब उम्मीदें टूटने लगीं, तब आसमान से मौत को चुनौती देने वाला एक 'फरिश्ता' उतरा। आइए विस्तार से जानते हैं उस रात की पूरी खौफनाक कहानी क्या थी?
दरअसल, सोशल मीडिया पर चंद लाइक्स और रील बनाने का जुनून किस कदर जानलेवा साबित हो सकता है, इसका खौफनाक मंजर सिद्धार्थनगर की कांशीराम आवासीय कॉलोनी में देखने को मिला। शनिवार दोपहर को जब पांच दोस्त एक साथ पानी की टंकी पर चढ़े, तो उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि उनमें से एक दोस्त कभी वापस नीचे नहीं उतर पाएगा।

रील के चक्कर में मौत को दी दावत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांचों किशोर शनिवार दोपहर करीब 2 बजे महज रील बनाने के उद्देश्य से 60 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ गए थे। जैसे ही वे ऊपर पहुंचे, जर्जर हो चुकी लोहे की सीढ़ी भार सहन नहीं कर सकी और भरभरा कर गिर गई। इस दौरान तीन बच्चे-सिद्धार्थ, शनि और गोलू सीधे नीचे कंक्रीट पर आ गिरे। 10 साल के सिद्धार्थ की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य दोस्त मौत और जिंदगी के बीच मेडिकल कॉलेज में जंग लड़ रहे हैं।
15 घंटे का वो 'डेथ ट्रैप' और दलदल की दीवार
असली मुसीबत उन दो किशोरों (पवन और शाबान) के लिए थी, जो टंकी के टॉप पर ही फंसे रह गए। नीचे उतरने का रास्ता पूरी तरह खत्म हो चुका था। प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर तो पहुंची, लेकिन टंकी के चारों तरफ फैला गहरा दलदल और संकरा रास्ता रेस्क्यू में सबसे बड़ी दीवार बन गया। जब हाइड्रोलिक क्रेन कीचड़ में फंस गई, तो उम्मीदें टूटने लगीं। प्रशासन ने ड्रोन के जरिए रस्सी ऊपर भेजी और फिर उसी के सहारे बच्चों तक खाना-पानी पहुंचाया गया ताकि वे रात भर मौत के खौफ से लड़ सकें।
वायुसेना को आसमान में देख ली राहत की सांस
जब रात के 3 बजे मूसलाधार बारिश शुरू हुई और जमीनी रेस्क्यू नामुमकिन हो गया, तब जिला प्रशासन की सूचना पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने मोर्चा संभाला। वायुसेना का Mi-17 हेलीकॉप्टर गोरखपुर से रवाना हुआ। रविवार तड़के 5:20 बजे जब आसमान में हेलीकॉप्टर की गड़गड़ाहट गूंजी, तब जाकर परिजनों की जान में जान आई। जांबाज जवानों ने महज 9 मिनट में दोनों बच्चों को एयरलिफ्ट कर इस 'ऑपरेशन जिंदगी' को अंजाम दिया।
On a request from state government authorities, an IAF Mi 17 V5 of Central Air Command (CAC) was deployed to rescue two stranded children, who were stuck on top of a water tank in Sidharth Nagar in Gorakhpur, Uttar Pradesh. The children were stranded in the night as the ladder of… pic.twitter.com/dZ2D4shbQS
— CAC, IAF (@CAC_CPRO) May 3, 2026
सिद्धार्थनगर के ज़िलाधिकारी (DM) शिवशरणप्पा ने ANI से बातचीत में बताया कि बचाव अभियान वायु सेना और राज्य प्रशासन के साथ मिलकर चलाया गया, और योजना बनाने के पूरे चरण के दौरान लगातार संपर्क बनाए रखा गया। 'हमारी योजना के तहत, हम वायु सेना के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में थे। मैं मुख्यमंत्री कार्यालय का धन्यवाद करता हूं। उनके तालमेल से ही यह संभव हो पाया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि बचाव के बाद दोनों बच्चे सुरक्षित हैं।
VIDEO | Siddharthnagar, UP: District Magistrate Shivsharanappa says, "I thank the Chief Minister's Office for their coordination and providing us with Air Force helicopter to rescue the children. Both of them were rescued at 5:30 am. They are healthy. Soon they will be sent home.… pic.twitter.com/CCZ9VnuP0M
— Press Trust of India (@PTI_News) May 3, 2026












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