सुल्तानपुर: फाइलेरिया की दवा खाते ही बीमार पड़े 100 बच्चे
सुल्तानपुर जनपद में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां फाइलेरिया की गोली खाने से 100 बच्चों की तबियत खराब हो गई।
सुल्तानपुर। फाइलेरिया के रोकथाम के नाम पर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से कभी भी बड़ी घटना अंजाम पा सकती है। इसकी बानगी बुधवार को थाना बरुई मलहौटी गाँव में देखने को मिली। जहाँ स्कूल में फाइलेरिया की दवा खाने से 100 बच्चे बीमार हो गए। जिनमें से 50 बच्चों को सीएचसी में भर्ती कराया गया जहाँ 9 बच्चों की हालत नाजुक है। अभी दो दिन पूर्व बल्दीराय ब्लाक के नंदौली गाँव में फाइलेरिया की दवा खाने से दो दर्जन लोग बीमार हुए थे।

फाइलेरिया रोकथाम के लिए चल रहा अभियान
इन दिनों शहर, गाँव, देहात में डोर टू डोर, सरकारी स्कूलों में बच्चों और लोगों को फाइलेरिया की बीमारी से बचाव के लिए दवाएँ खिलाई और बांटी जा रही हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आंगनबाड़ी और आशा बहुओं की टीम लगा रखी है। ये टीम लोगों के डोर टू डोर जाकर तो सरकारी स्कूलों में आ रहे बच्चों को फाइलेरिया की दवाएँ खिला रही हैं।

दवा खाने से कई बच्चे पड़े बीमार
कोतवाली देहात के बरूई निषाद गांव की बस्ती में बने सरकारी स्कूल में टीम बुधवार को पहुँची। यहां टीम ने न कुछ कहा न कुछ सुना स्कूल के बच्चों को फाइलेरिया की दवा खिलाई और चल पड़ी। नतीजा ये हुआ कि फाइलेरिया की दवा खाने से तक़रीबन 100 बच्चे घर पहुँचते-पहुँचते बीमार हो गए।

10 एंबुलेंस से लाए गए बीमार बच्चे
इससे गांव में अफरातफरी फैल गई लोगों ने स्थानीय अधिकारियों को सूचना दिया तो इन बच्चों को सीएचसी ले जानें के लिए 10 ऐम्बुलेंस लगाया गया, जहाँ सीएचसी में तक़रीबन 50 के करीब बच्चे सीएचसी पहुँचे और वहां उनका इलाज शुरू हुआ। सभी बच्चों को कुछ देर के इलाज के बाद घर भेज दिया गया जबकि 9 की हालत नाजुक है।

परिजनों का है बड़ा आरोप
इस बारे में पूछे जाने पर बच्चों के परिजनों ने बताया कि बच्चे सुबह ठीक-ठाक स्थित में स्कूल गए थे लेकिन स्कूल में न जाने कौन सी दवा खिलाई गई कि हमारे बच्चे बीमार होकर स्कूल से आए। परिजनों के मुताबिक कई बच्चों को स्कूल से लौटने पर उल्टियां शुरु हो चुकी थी तो कई को सर दर्द और चक्कर।

खाली पेट न लें दवा: डा.ए.के.सिंह
इस संदर्भ में प्रतिष्ठि चिकित्सक डाक्टर ए.के.सिंह का कहना है के आम तौर से फाइलेरिया की दवा खाने से चक्कर आ सकता है। लेकिन वो तब सम्भव है जब व्यक्ति खाली पेट दवा का इस्तेमाल करे। पर इतने ज़्यादा लोग बारबार दवा खाने से बीमार पड़ रहे हैं ऐसे में दवा का चेक किया जाना ज़रूरी है। हो सकता है के दवा एक्स्पायर हो या फॉर्मूले में कोई कमी हो। ये जाँच का विषय है।
जाँच कर की जाएगी कार्रवाई:एडी स्वास्थ्य
इस मामले अपर स्वास्थ्य निदेशक फैजाबाद मंडल अमर सिंह कुशवाहा ने खुल कर बातचीत की। उन्होंने कहा कि मामला काफी पेचीदा है और ये जाँच का विषय है। उन्होंने कहा की इसमें सीएमओ द्वारा नियुक्त की गई टीम की कमी है जो बगैर गाइड किए दवा खिला रही है। इसके लिए जाँच टीम गठित कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।












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