इलाहाबाद: मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर मानवाधिकार आयोग ने सरकार को जारी किया नोटिस
इलाहाबाद। इलाहाबाद के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में छात्रों के साथ रैंगिंग का मामला सामने आया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए मानवाधिकार आयोग ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार और मेडिकल कॉलेज को नोटिस जारी की है। मानवाधिकार आयोग ने इनसे इनका पक्ष जानना चाहा है। गौरतलब है कि इलाहाबाद स्थित मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे वर्तमान बैच के लगभग डेढ़ सौ छात्र-छात्राओं को रैंगिंग का सामना करना पड़ा है। यहां छात्रों के बाल मुंडवा दिए गए हैं। जबकि छात्राओं को को तेल व जूड़ा बांध कर ही कॉलेज आने का फरमान सुनाया गया है। हालांकि इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और वह रैगिंग की घटना से इनकार भी कर रहा है। लेकिन, नाम ना छापने की शर्त पर कुछ छात्रों ने मीडिया कर्मियों से बात की और कॉलेज में चल रहे रैंगिंग की जानकारी दी है। फिलहाल मामले में मानवाधिकार आयोग के दखलंदाजी के बाद यह तो साफ हो गया है कि रैंगिंग जरूर हुई है। फिलहाल अब आयोग कि नोटिस पर मेडिकल कॉलेज समेत एचआरडी मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार व कालेज को जवाब देना है।

क्या है मामला
इलाहाबाद स्थित मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में करीब 150 छात्रों का नामांकन है। जिसमें 40 छात्राएं हैं। जो खबर सामने आई है उसके अनुसार इसी बैच के छात्र-छात्राओं को रैंगिंग का शिकार बनाया गया है। कॉलेज में रैंगिंग विरोधी टीम बनी है, लेकिन पूरी तरह से निष्क्रिय है। जबकि रैंगिंग का शिकार स्टूडेंट्स इतनी बुरी तरह से सहत चुके हैं कि वह कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है और शिकायत भी नहीं करना चाहते हैं। छात्रों का आरोप है कि जब उन्होंने शुरुआती दिनो में इसका विरोध किया तो उनकी जमकर पिटाई भी की गई थी ।
आयोग ने क्या पूछा
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय, उत्तर प्रदेश राज्य के मुख सचिव और कॉलेज के प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर इस मामले में 4 सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। नोटिस में मानवाधिकार आयोग ने पूछा है कि दोषी छात्रों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है और इस मामले के संज्ञान में आने के बाद एंटी रैंगिंग टीम के अधिकारियों द्वारा क्या कदम उठाए गए और नहीं उठाए गए तो क्यों ? आयोग में छात्रों की सुरक्षा के लिए कि जाने वाली व्यवस्था के बारे में भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ।
क्या हैं हालात
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में नव प्रवेशी स्टूडेंट्स के सिर मुड़वा दिए गए हैं। वह कमर तक झुककर हर आने जाने वाले को प्रणाम करते हैं। खौफजदा छात्र सिर मुड़वाने की घटना को कॉलेज का नियम बता कर और उत्पीड़न से बचना चाह रहे हैं। क्योंकि उन्हें धमकी मिली हैं कि शिकायत करने पर करिअर बर्बाद कर दिया जायेगा। जबकि रैगिंग को रोकने के लिए मेडिकल कॉलेज एंटी रैगिंग कमांडो है। जिसमें प्रधानाचार्य डॉ. एसपी सिंह तक शामिल हैं। इस मामले में कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. वत्सला मिश्रा ने कहा कि रैगिंग की कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन एहतियातन डॉ. संतोष इसकी जांच कर रहे हैं। अगर किसी की रैगिंग में संलिप्त सामने आई तो कडी कार्रवाई की जायेगी।












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