नोटबंदी के फैसले के बाद यूपी में भाजपा की बिगड़ती तस्वीर
केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले का असर यूपी चुनाव में भाजपा के लिए ही मुश्किल का सबब बन रही है, सरकार के फैसले के बाद गरीबों और किसानों की मुश्किल पार्टी के लिए मुश्किल साबित हो सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से बड़े नोटों पर प्रतिबंध लगाया है उससे बैंकों के बाहर लंगी लंबी-लंबी कतारें पार्टी की मुश्किल बढ़ाती नजर आ रही है।
आगामी यूपी चुनाव पर नजर डालें तो बैंको के बाहर लगी लंबी लाइनों से लोगों को हो रही दिक्कतों के बाद अब लोगों का सब्र टूटता नजर आ रहा है।

पार्टी के नेता ही कर रहे हैं विरोध
तमाम भाजपा नेता जहां पीएम मोदी के इस फैसले को कालाधन पर सर्जिकल स्ट्राइक बता रहे हैं तो कैमरे से पीछे वह सरकार के इस फैसले पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं।
इन नेताओं ने सरकार के फैसले के चलते यूपी चुनाव में पार्टी को नुकसान होने की भी बात कह रहे हैं।
पार्टी के फैसले के बाद सरकार इस बात का आंकलन कर रही है कि इस फैसले के बाद क्या नुकसान और क्या फायदा हो रहा है। भाजपा सांसद यह तक कह रहे हैं कि इस फैसले के चलते हमें लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
बैकों के बाहर लगी लाइन बनी मुश्किल
तमाम बैंकों के बाहर लग रही लाइनों के बीच कई मौत की खबरें भी सामने आई हैं, कई लोगों के घर शादी-विवाह थे वह भी रद्द करने पड़े हैं। नोटबंदी के चलते पार्टियों के लिए चुनावी रणनीति बनाने में भी काफी मुश्किलें आ रही हैं।
अभी तक भाजपा को इस बात का अंदेशा था कि वह प्रदेश में काफी आगे चल रही है।
सरकार के लिए जो सबसे बड़ी समस्या है वह यह कि इस फैसले के बाद किसानों और गरीबो को सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सपा सरकार का लगातार हमला जारी
सपा सरकार ने केंद्र पर लगातार हमला करना शुरु कर दिया है कि सरकार के इस फैसले के चलते रबी की फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। किसानों को खाद और बीज खरीदने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, कई किसान अब खुलकर सरकार को कोसना शुरु कर दिया है।
अखिलेश यादव ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है बल्कि सरकार की बनाई हुई आपदा है जिसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री के करीबी उदयवीर सिंह का कहना है कि जो ऐसा समझते हैं कि इससे कालाधन खत्म हो जाएगा वो गलत हैं, लोग दूसरा रास्ता ढूंढ लेंगे, लेकिन गरीबों की मुश्किल कम नहीं होगी।
भाजपा नेता ने भी माना लोगों को दिक्कत
भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव विजय बहादुर पाठक ने स्वीकार किया है कि गरीबों और मध्यम वर्ग को काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है। लेकिन उनका कहना है कि यह जल्द ही खत्म हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोगों को दिक्कतें हैं इससे हम मना नहीं कर सकते हैं, लेकिन लोग पीएम के फैसले से खुश हैं।
कांग्रेस भी हमलावर
यूपी कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा का कहना है कि गरीबों सबसे अधिक समस्या हो रही है, इस नोटबंदी के चलते उन्हें हर रोज नई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
छोटे व्यापारी जोकि काफी मेहनत करते हैं उन्हें लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।
पीएम मोदी की रैली भी स्थगित
सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री की 24 दिसंबर को लखनऊ में प्रस्तावित रैली को भी स्थगित कर दिया गया है। समाचार एजेंसी आईएएनएस के सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी की यह रैली अगले वर्ष जनवरी माह में होगी।












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