योगी सरकार को हाईकोर्ट से झटका, 9,342 शिक्षक भर्ती पर रोक
सत्ता परिवर्तन हुआ और सूबे की योगी सरकार ने शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति मानदेय से भरने का फैसला कर लिया। जबकि इससे पहले हुई लिखित परीक्षा के परिणाम को जस का तस फाइलों में ही बंद रहने दिया।
इलाहाबाद। यूपी में शिक्षक भर्ती पर फिर ग्रहण लग गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सूबे की योगी सरकार को तगड़ा झटका देते हुए 9,342 शिक्षक भर्ती पर रोक लगा दी है। एलटी ग्रेड अध्यापकों की ये भर्ती प्रदेश के राजकीय इंटर कॉलेजों में होनी थी। इसमें कार्यरत शिक्षकों और रिटायर्ड शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर रखा जाना था।

आखिर क्यों फंसा ये पेंच?
दरअसल पिछले साल दिसंबर 2016 में ही ये भर्ती शुरू हो गई थी। लिखित परीक्षा भी हुई लेकिन परिणाम जारी करने से पहले सूबे में राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई। चुनावी हलचल के चलते परिणाम घोषित नहीं हुए। फिर विधान सभा चुनाव हुआ, सत्ता परिवर्तन हुआ और सूबे की योगी सरकार ने 21 अगस्त 2017 को भर्ती के इन्ही पदों को कार्यरत शिक्षकों व रिटायर्ड शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति मानदेय से भरने का फैसला कर लिया। जबकि इससे पहले हुई लिखित परीक्षा के परिणाम को जस का तस फाइलों में ही बंद रहने दिया।
Recommended Video


इसलिए हाईकोर्ट पहुंचे लोग
एक तरह से 9,342 शिक्षक भर्ती को योगी सरकार ने टाल दिया था। कुछ समय के लिए मानदेय पर खाली पद भर दिए जाते और एक समय अवधि में फिर से भर्ती प्रक्रिया शुरू होती। अभ्यार्थी भी यही उम्मीद कर रहे थे। इतने पर तो गनीमत थी लेकिन सरकार ने इसके बाद एक और झटका दिया और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक) सेवा नियमावली में संशोधन कर तत्काल प्रभाव से उसे लागू कर दिया। इस संशोधन के बाद अब लिखित परीक्षा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा कराई जाएगी। ऐसे में पहले से परीक्षा दे चुके अभ्यार्थियों की परीक्षा अप्रत्यक्ष रूप से रद्द कर दी गई है। इस संशोधन को पुरानी भर्ती में लागू करने पर प्रतियोगियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।

ये बातें कोर्ट के सामने आईं
याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल के सामने दलील दी गई कि नियमावली में संशोधन अब किया गया और इसे उस भर्ती में कैसे लागू किया जा सकता है जिसमें लिखित परीक्षा हो चुकी है। उस समय लागू नियम के अनुसार ही भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा हुई है। अब जब परिणाम जारी करना चाहिए तो सरकार अवैधानिक रूप से संबंधित भर्ती के पदों पर प्रतिनियुक्ति कर रही है। दलीलों के बिनाह पर हाईकोर्ट ने मौजूदा भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।












Click it and Unblock the Notifications