अखिलेश की लटकाई योजना पर हाईकोर्ट नाराज, मल्टीलेवल पार्किंग के लिए योगी सरकार से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर के आसपास वाहनों की पार्किंग से सड़क जाम होने के कारण यातायात कठिनाइयों की गंभीर समस्या को लेकर सुनीता शर्मा ने याचिका दाखिल की थी।
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने पूर्व अखिलेश सरकार से मल्टीलेवल पार्किंग की योजना अधर में लटकाए जाने पर जवाब मांगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले ने हाईकोर्ट में पार्किंग व जाम की समस्या पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से दो सप्ताह में प्रस्ताव की जानकारी मांगी है। हाईकोर्ट ने अधिवक्ताओं के लिए मल्टीलेवल पार्किंग पर व्यवस्था का कंप्लीट प्लान भी प्रस्तुत करने को कहा है। गौरतलब है की मल्टीलेवल पार्किंग को लेकर पूर्ववर्ती सरकार ने भरोसा दिया था लेकिन पांच साल में इसका प्रस्ताव और प्लान तक सामने नहीं आया।

दायर है जनहित याचिका
गौरतलब है की इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर के आसपास वाहनों की पार्किंग से सड़क जाम होने के कारण यातायात कठिनाइयों की गंभीर समस्या को लेकर सुनीता शर्मा ने याचिका दाखिल की थी। इसमे अधिवक्ताओं को वाहन खड़े करने की समस्या भी थी। जिस पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले एवं न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए योगी सरकार से जवाब मांगा है।

ये है मामला
दरअसल अत्याधिक वाहनों के चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट मार्ग हमेशा जाम से जूझता है। पूरी सड़क पर वाहनों का मेला लगा होता है। समस्या दूर करने के लिए हाईकोर्ट ने वाहनों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग आवश्यक समझा था। जबकि पांच लिफ्ट, बेहतर डिस्पेंसरी, जनसुविधाएं, फ्लाईओवर, रूट डायवर्जन सहित तमाम सुविधाओं की जरूरत है। बता दें की मल्टीलेवल या अंडरग्राउंड पार्किंग में धनराशि की व्यवस्था राज्य सरकार को करनी होती है।












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