Hema Malini Holy Dip: भगदड़ के बाद आस्था की डुबकी! कांपते-कांपते संतों संग हेमा ने किया स्नान, जानें क्या कहा?
Mahakumbh Stampede Hema Malini Holy Dip: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या के दिन भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। इस घटना में 15 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दर्जनों श्रद्धालु घायल हो गए, जिससे मेले की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।
हादसे के बीच मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाने भाजपा सांसद हेमा मालिनी पहुंची। आस्था की डुबकी लगाने के बाद, हेमा मालिनी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे इस शुभ दिन पर 'स्नान' करने का अवसर मिला। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज और योग गुरु बाबा रामदेव ने भी अमृत स्नान किया। हेमा की कांपते-कांपते डुबकी...

हेमा मालिनी, बाबा रामदेव और साधु-संतों का संगम स्नान
भगदड़ के बावजूद, भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि इस शुभ दिन पर स्नान करने का अवसर मिला।
हेमा मालिनी के साथ योग गुरु बाबा रामदेव और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने भी अमृत स्नान किया। हालांकि, ठंड इतनी ज्यादा थी कि पहली डुबकी में हेमा मालिनी पीछे हट गईं। उनके चेहरे पर ठंड का असर साफ दिख रहा था, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने पूरी आस्था के साथ डुबकी लगाई।
'संगम जाना संभव नहीं, जहां भी हों स्नान करें'
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि यह सनातन का अमृत काल है... मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के दौरान जो लोग यहां हैं, उन्हें मौन रहना चाहिए और ध्यान, प्रार्थना और भजन में लीन होना चाहिए। उन्हें अपने दिल में कृतज्ञता रखनी चाहिए... जब इस तरह की भीड़ होती है, तो यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। अगर हर कोई सावधान रहेगा, तो सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहेगा। यहां आने वाले सभी भक्तों को धैर्य रखने की जरूरत है। धर्म की पहली विशेषता धैर्य है... भले ही हर कोई संगम जाना चाहता हो, लेकिन यह व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, इसलिए आप जहां भी हों, अपने निकटतम घाट पर जा सकते हैं क्योंकि संगम से पानी का प्रवाह प्रयागराज के हर घाट तक जरूर पहुंचेगा।
अमृत स्नान रद्द करने का फैसला बदला
भगदड़ के बाद अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान रद्द करने का फैसला लिया था, लेकिन स्थिति में सुधार देखते हुए यह निर्णय बदल दिया गया। अब सभी साधु-संत घाटों की ओर रवाना हो चुके हैं और अमृत स्नान कर रहे हैं।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि सुबह की घटना को देखते हुए हमने स्नान न करने का फैसला लिया था, लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के बाद साधु-संत स्नान कर रहे हैं।
महाकुंभ में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताएं
महाकुंभ 2025 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में भगदड़ जैसी घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं।












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