• search

मासूम दिव्यांग को बनाया हवस का शिकार, पुलिस ने आरोपी को थाने से छोड़ा

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में बीते रविवार की सुबह शौच के लिए गई एक मंदबुद्धि नाबालिग किशोरी को एक युवक ने अपनी हवस का शिकार बना डाला। आरोपी युवक के चंगुल से छूटने के बाद खून से लथपथ मंदबुद्धि किशोरी रोती हुई घर पहुंची और अपनी बड़ी बहन को आपबीती बताई।

    Havus prey created by Maasoom Divyang in RaeBareli

    घटना के समय मां किसी काम से रायबरेली गई थी। घटना की जानकारी बड़ी बेटी ने मां को फोन पर दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद घर पहुंची मां ने सूचना 100 नंबर पर दी। मौके पर पहुंचे डायल 100 के पुलिस कर्मियों ने आरोपी युवक को पकड़कर थाने ले गई। पीड़िता की मां ने थाने पहुंचकर आरोपी युवक के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने घटना के बाद किशोरी के बयान भी दर्ज किए। पुलिस ने हद तो तब पार कर दी जब थानेदार ने बिना मुकदमा दर्ज किए पकड़े गए आरोपी को थाने से छोड़ दिया।

    पुलिस ने मामले को रफा-दफा करने के उद्देश्य से किशोरी की मां की ओर से मिली हुई तहरीर को ही बदलवा दिया। पीड़ित की मां का आरोप है कि पुलिस माले को रफा-दफा करने के लिए उस पर दबाब डाल रही है। पुलिस बराबर इस मामले में सुलह के लिए जुटी है। फिलहाल मामला बढ़ने पर मीडिया तक पहुंचा तो थानेदार से विवाद बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे है। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। बदले में पीड़ित परिवार को धमकियां जरुर मिल रही है।

    बता दें कि शासन का स्पष्ट निर्देष है कि दुराचार की पीड़िता को तत्काल न्याय दिलाया जाए। लेकिन शासन की मंशा पर मनमाने थानेदार अपने आगे सरकार की नीतियों को भी लागू नही कर रहे है। थानाध्यक्ष बृजमोहन का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है दुराचार की बात गलत है, मंदबुद्धि किशोरी की मां कोई कार्रवाई नहीं करना चाहती है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Havus prey created by Maasoom Divyang in RaeBareli

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more