Hathras Stampeded: सेवादारों के दस्तावेज से हुआ बड़ा खुलासा! क्या है भोले बाबा का 'हाई लेवल सेक्योरिटी सिस्टम'?
Hathras Stampeded: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 121 लोग अपनी जान गंवा बैठे। घटना के बाद सूरज पाल उर्फ नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा कहां है इसका अब तक पता नहीं चल सका है।
हालांकि, बाबा ने पहले अपने वकील के जरिए भेजे गए प्रेस नोट जारी कर मीडिया के सामने अपनी बात रखी। इसके बाद एक न्यूज एजेंसी के जरिए घटना के बारे में अपना संदेश दिया। मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए भोले बाबा ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

हाल ही में बाबा के कुछ सेवादारों से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं, जिससे पता चलता है कि भोले बाबा (नारायन साकार हरि) के किसी भी सत्संग समागम में व्यवस्था हमेशा चाक चौबंद रहती थी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला-पुरुषों की पूरी प्लाटून है। बाबा के सेवादारों की महिला-पुरुष प्लाटून को हर क्षेत्र में व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए अलग-अलग सेक्टर में जिम्मेदारियां सौंपी जाती थी।
इन प्लाटून में शामिल लोगों का एक अटेंडेंस रजिस्टर भी होता है। इस रजिस्टर में सेवादारों की अनुपस्थिति दर्ज की जाती है और उसकी समीक्षा की जाती है। अनुपस्थिति का कारण भी समीक्षा रिपोर्ट में दर्ज होता है। मुख्य सेवादार अनुपस्थित सेवादारों की जानकारी ऊपर भेजता है। जो सेवादार अनुपस्थित होते हैं, उनसे संपर्क कर अनुपस्थिति का कारण पूछा जाता है। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
इतनी चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद हाथरस में भयावह घटना हुई और 121 लोग मारे गए। उसके बाद से बाबा और उनके सेवादारों पर सवाल उठ रहे हैं। सत्संग के बाद मची भगदड़ ने पूरी व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं।
हाथरस की घटना को लेकर बाबा और उनके अनुयायी साजिश की आशंका जता रहे हैं। वे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। न तो बाबा और न ही उनके भक्त हाथरस की घटना के लिए खुद को जिम्मेदार मान रहे हैं। सबके पास बस यही सवाल है कि जब बाबा और उनके सिक्योरिटी नहीं तो फिर इन 123 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है?
पिछले मंगलवार को हाथरस में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने प्रवचनकर्ता बाबा सूरजपाल के सेवादारों और सत्संग के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की है। अभी इस मामले में जांच जारी है। इस घटना के सिलसिले में छह लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर भी शामिल है, जिसे शुक्रवार शाम को गिरफ्तार कर लिया गया।
हाथरस घटना के मुख्य आयोजक के रूप में देव प्रकाश मधुकर ने अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, बाबा सूरजपाल के साथ उनका खास रिश्ता है। दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद बाबा ने उनसे फोन पर लंबी बातचीत की थी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि भगदड़ के बाद मधुकर घर नहीं लौटा। उसके परिवार के सदस्य भी लापता हैं। मधुकर का घर सिकंदराराऊ इलाके के दामादपुरा की नई कॉलोनी में है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस भगदड़ कांड की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। इस मामले में अब तक 90 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। यह जानकारी शुक्रवार को एसआईटी में शामिल आगरा जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुपम कुलश्रेष्ठ ने दी।












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