ममता का कत्ल: शराब के लिए दादी को बांके से काटा, डायरी में लिखा - "मेरे पास असलहा, बम, बारूद, चाकू..."
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो दिन पहले एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला की उसी के घर में बांके से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। वहीं पुलिस ने अब इस कत्ल का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृत बुजुर्ग महिला के पोते को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी नशे का लती था और अपनी ही दादी को महज 2 हजार रुपए और चूड़ियों के लिए मौत के घाट उतार दिया।
4 बेटे.. पर अकेली रहती थीं स्नेहलता
बता दें कि घटना लखनऊ के अलीगंज इलाके में त्रिवेणीनगर-2 के योगीनगर की है। यहां मृत 90 वर्षीय स्नेहलता घर पर अकेली रहती थीं। दरअसल, स्नेहलता के चार बेटे और एक बेटी है। बेटी मधु अपनी बेटी के पास लंदन में रह रही हैं। बड़े बेटे रमेश हरदोई से नगर पालिका से अधिशासी अभियंता के पद से रिटायर्ड हैं। दूसरे नंबर के आलोक स्टेट फूड कॉरपोरेशन से रिटायर्ड हुए हैं, वह सिधौली में रहते हैं।

वहीं तीसरे नंबर के मुकेश फोरेंसिक विभाग से डिप्टी डायरेक्टर के पद से रिटायर्ड हैं। वहीं चौथे बेटे महेश सिधौली में अपना काम करते हैं। आरोपी मानस, महेश का ही बेटा है। इतना संपन्न परिवार होने के बाद भी 90 साल की स्नेहलता एकाकी जीवन बिताने को मजबूर थीं। लेकिन तीसरे नंबर के मुकेश एक तरह से कुछ हद तक फर्ज निभा रहे थे। लगभग हर दिन वह मां का हालचाल जानने चले आते थे।
घर में ही हुआ कत्ल, खून से सनी मिली लाश
बीते रविवार की सुबह भी करीब 11 बजे वो अपनी माँ के पास आए थे और करीब एक घंटे बाद लौट गए थे। लेकिन फिर रात को उनकी भतीजी ने कॉल कर बताया कि दादी कॉल रिसीव नहीं कर रही हैं। जिसके बाद मुकेश चंद्र शर्मा मौके पर पहुंचे, तो उन्हें स्नेहलता का खून से सना शव पड़ा मिला। घर में भी चारों तरफ खून बिखरा हुआ था।
जिसके बाद मामले की सूचना फौरन पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसी बीच पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मृत स्नेहलता के चौथे नंबर के बेटे महेश का बेटा 'मानस' दो दिन पहले ही अपनी दादी के पास रहने आया था और वारदात के बाद से मानस गायब है।
पोता निकला कातिल
पुलिस ने तत्काल मानस को पकड़ने के लिए टीम लगाई और रविवार देर रात ही उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी मानस पुलिस अफसरों को गुमराह करता रहा। पहले बताया कि वह कानपुर में था, लेकिन इसके साक्ष्य नहीं मिले। वह कुछ इस तरह से बातें कर रहा था, जिससे पुलिस को लगे कि वह मानसिक रूप से बीमार है।
हैरान कर देगी कत्ल की वजह
लेकिन जब पुलिस ने थोड़ी सख्ती से पूछताछ की तो उसने हैरान करने वाला खुलासा किया। मानस ने पुलिस को बताया कि वह लूट के इरादे से दो दिन पहले दादी के पास रहने आया था। योजना के अनुसार, रविवार शाम करीब 3 बजे वह अपनी दादी के कंगन जबरन उतारने लगा। दादी ने इसका विरोध किया तो उसने दादी पर बांका से ताबड़तोड़ वार किए और उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
इसके बाद आरोपी मानस कंगन और ढाई हजार रुपये लूटकर करीब 4 बजे घर से भाग गया। घर से भागने के बाद मानस ने सबसे पहले अपना मोबाइल बंद किया और सिम निकालकर तोड़ दिया। इसके बाद उसने डालीगंज स्थित एक दुकान से नया सिम खरीदा। फिर पक्का पुल पहुंचा, यहां दूसरे वाले गुंबद के नीचे झाड़ियों में खून से सना बांका ठिकाने लगा दिया। फिर शराब पीकर इधर-उधर घूमने लगा, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
नशे का लती था कातिल पोता
पकडे जाने के बाद पुलिस के सामने एक बात साफ थी कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार नहीं है बल्कि शातिर है। इस दौरान मानस नशे में धुत्त भी था। उसके पास से एक बैग भी बरामद हुआ, जिसमे एक टिफिन में खाना भी रखा था। पूछने पर आरोपी ने बताया कि यह खाना दादी ने ही बनाकर दिया था।
ममता का कत्ल करते नहीं कांपे हाथ
आपको बता दें कि जब मानस अपनी दादी के पास रहने पहुंचा था तो उसके आने से वह बहुत खुश थीं। कत्ल वाले दिन रविवार की सुबह उन्होंने मानस को खाना बनाकर खिलाया था। फिर जब उसने रुद्रपुर जाने की बात कही तो दादी ने दोबारा खाना बनाया। टिफिन भी पैक करके मानस को दिया।
ये वही टिफिन था जो मानस के बैग से मिला। मानस का कहना था कि उसने बोला था कि खाना न पैक करें, तब भी उन्होंने कहा था कि भूखे रहोगे, बाहर का खाने से अच्छा है यहीं से लेते जाओ। हैरानी की बात ये है कि उनकी ममता का कत्ल करने में मानस के जरा भी हाथ नहीं कांपे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि निर्दयी मानस ने इसी दादी पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। सिर से लेकर पेट तक करीब एक दर्जन बार बांका से वार कर प्यार लुटाने वाली दादी का खून बहा दिया। रिपोर्ट से पता चला कि सिर पर जो वार किया गया, उसकी वजह से स्नेहलता की मौत हुई। इसके अलावा गले, चेहरे, पेट पर करीब एक दर्जन बार बांका से आरोपी ने वार किए थे।
डायरी पढ़कर हैरान पुलिस
उधर, हत्यारोपी मानस के पास से पुलिस ने एक डायरी भी बरामद की, जिसमें एक लड़की की फोटो थी। पूछताछ में बताया कि वह उसकी प्रेमिका है। इसके बाद जब पुलिसकर्मियों ने पन्ने पलटे तो हैरान रह गए। एक पन्ने पर लिखा था कि "मेरे पास कभी भी कोई असलहा, बम, बारूद, चाकू न रखना। क्योंकि मैं कभी भी घातक हो सकता हूं। किसी की भी जान ले सकता हूं..।"
आज नहीं तो कल उनको मरना ही था..
पूछताछ में उसने कहा यह कहा भी कि मुझे अपने गुस्से पर काबू नहीं होता। मैं कभी भी कुछ भी कर सकता हूं। साथ ही पूछताछ के दौरान वह बेखौफ होकर जवाब देता रहा। आखिर में ये भी बोला कि मुझे कोई अफसोस नहीं। आज नहीं तो कल उनको मरना ही था।
बहरहाल, अपनी दादी का कातिल मानस अब पुलिस की गिरफ्त में है। उसके पास से 1850 रुपये व कंगन बरामद कर लिए गए हैं। डीसीपी ने बताया कि आरोपी नशे का लती है। वारदात के पीछे यही बड़ी वजह है। पुलिस ने एफआईआर में लूट की धारा व आर्म्स एक्ट बढ़ाया है।












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