गोरखपुर उपचुनाव: सपा ने 3.5 लाख निषाद वोटों के लिए खेला मास्टरस्ट्रोक, प्रवीण निषाद को बनाया उम्मीदवार
इलाहाबाद। बड़े ही नाटकीय ढंग से आज गोरखपुर लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने अपने पत्ते खोलते हुये इंजीनियर प्रवीण कुमार निषाद को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। प्रवीण, निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे है और आज ही समाजवादी पार्टी का निषाद पार्टी से गठबंधन हुआ है। ऐसे में यह तो साफ हो गया कि सपा अकेले तो चुनाव नहीं लडना चाहती थी, लेकिन उसे कांग्रेस का हाथ पसंद नहीं था। इसीलिए कांग्रेस से गठबंधन का विकल्प मौजूद होने के बावजूद भी सपा ने निषाद पार्टी को तरजीह दी।

टिकट के पीछे जातीय समीकरण
फिलहाल गोरखपुर में प्रवीण सपा-निषाद पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी हैं और सपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लडेंगे। दरअसल इस पूरे गुणा-गणित के पीछे जातीय समीकरण की सियासत है। गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में निषाद बिरादरी का वोट हार जीत का रास्ता तय करता है, उसका कारण इस बिरादरी का वोट बैंक है।

3.5 लाख हैं निषाद वोटर
इस समय गोरखपुर में निषाद बिरादरी के लगभग 3.5 लाख वोट हैं और उसे अपने पाले में बटोरने के लिये सपा ने यह मास्टर स्ट्रोक चला है। पहले तो निषाद पार्टी के साथ गठबंधन का क्रम चला और फिर सपा ने गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे प्रवीण के नाम का ऐलान कर दिया ।

चल रहा हैं प्रचार प्रसार
सीएम योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे के बाद खाली हुई है गोरखपुर लोकसभा सीट पर निषाद पार्टी की ओर से प्रवीण पिछले कयी महीने से चुनावी गोटियां बैठा रहे थे और प्रचार प्रसार चल रहा था। सपा से बातचीत के बाद गठबंधन पर फैसला हुआ नतीजतन अब प्रवीण की दावेदारी काफी मजबूत हो गयी। हालांकि योगी आदित्यनाथ के चुनाव लडने के दौरान इस सीट पर हर दल बौना नजर आता था, लेकिन इस हार योगी आदित्यनाथ चुनाव में प्रत्याशी नहीं होगे और इसका फायदा उठाने का प्रयास हर दल जरूर करेंगे।












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