Ghoshi By Election: दारा चौहान को जिताने के लिए BJP को क्यों उतारनी पड़ी नेताओं - मंत्रियों की फ़ौज

उत्तर प्रदेश में घोषी सीट पर हो रहे उपचुनाव में बीजेपी और सपा में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। दोनों दलों ने अपने अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतार दिया है।

Ghoshi By Election in UP: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में घोषी उपचुनाव को लेकर प्रचार का दौर शुरू हो चुका है। पांच सितंबर को यहां मतदान होना है। चुनाव में पूरी ताकत झोंक रही बीजेपी ने यहां प्रचार के लिए 40 स्टार प्रचारकों की लंबी चौड़ी लिस्ट जारी की थी लेकिन यहां उन नेताओं की भी साख दांव पर है जो इस इलाके से जुड़े हुए हैं। इस बीच सपा ने भी अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारकर बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

घोषी उपचुनाव

बीजेपी ने उतारी है 40 नेताओं की फौज

बीजेपी ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की थी जिसमें सीएम योगी समेत 40 नेताओं को शामिल किया गया था। लेकिन इस सीट पर सबसे ज्यादा परीक्षा ओम प्रकाश राजभर, एके शर्मा, सूर्य प्रताप शाही, उपेंद्र तिवारी, उत्पल राय और मनोज राय सरीखे नेताओं की है जिनकी इस इलाके में ठीक ठाक पकड़ मानी जाती है।

दारा चौहान को जिताने में छूट रहे पसीने

घोषी में बीजेपी ने सपा छोड़कर आए दारा सिंह चौहान पर ही दांव लगाया है। नामांकन के बाद जैसे ही इन्होंने प्रचार का शुरू किया था वैसे ही इन्हें स्थानीय स्तर पर खासा विरोध झेलना पड़ा था। प्रचार के दौरान उनके उपर स्याही भी फेंकी गई थी। इस घटना के बाद ही बीजेपी भी सतर्क हो गई है।

लोगों की नाराजगी दूर करने की कोशिश

ऐसा माना जा रहा है कि चौहान को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच काफी नाराजगी है जिसका लाभ सपा उठा सकती है। इस नाराजगी को भांपते हुए ही बीजेपी ने चालीस प्रचारकों की सूची जारी कर मंत्रियों नेताओं की एक लंबी चौड़ी फौज घोषी उपचुनाव में उतार दी है। हालांकि बीजेपी को जवाब देने के लिए सपा की तरफ से भी 40 प्रचारकों की लिस्ट जारी की गई थी जिसमें हर जाति वर्ग से जुड़े नेताओं को शामिल किया गया था।

ओपी राजभर की प्रतिष्ठा दांव पर

मऊ जिले की घोषी सीट पर सबसे ज्यादा अग्निपरीक्षा ओम प्रकाश राजभर की है क्योंकि इस सीट पर राजभरों की अच्छी खासी संख्या है। सूत्रों की माने तो घोषी सीट यदि बीजेपी के हाथ से फिसली तो इसका सीधा असर ओम प्रकाश राजभर और बीजेपी के रिश्तों पर पड़ेगा और आने वाले दिनों में उनका मंत्री बनने के ख्वाब पर ग्रहण लग सकता है।

घोषी में बीजेपी की जीत की संभावनाओं को लेकर पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी कहते हैं,

मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से जनता पूरी तरह से खुश है इसलिए पिछले कई चुनावों से सपा, कांग्रेस और बसपा को नकार कर बीजेपी को जीत दिला रही है। मुख्यमंत्री योगी और पीएम मोदी के काम के दम पर घोषी में भी बीजेपी शानदार जीत हासिल करेगी।

एके शर्मा समेत कई नेताओं पर भी दबाव

ओपी राजभर के अलावा घोषी में सबसे अधिक चुनौती कैबिनेट मंत्री एके शर्मा की है। चूंकि वह जिले के कोटे से योगी सरकार में कैबिनेट में मंत्री हैं। इसलिए उनकी प्रतिष्ठा भी इस सीट से जुड़ी हुई है। इसके अलावा चूंकि इस सीट पर भूमिहार समुदाय की अच्छी खासी संख्या है इसलिए इस समुदाय से आने वाले बड़े नेताओं कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी, पूर्व मंत्री उत्पल राय और जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय को भी पसीना बहाना पड़ रहा है।

मंत्रियों और नेताओं की फौज को लेकर सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय कहते हैं,

वास्तव में बीजेपी के लोग बुरी तरह से डरे हुए हैं। इनको अपनी हार सामने दिख रही है। जिस तरह से सपा ने 2022 में यहां जीत हासिल की थी उससे भी बड़ी जीत यहां सपा की होगी। मोदी और योगी की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जनता एक बार फिर अपना जनादेश देगी।

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