UP के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की बढ़ेंगी मुश्किलें, PMLA के तहत शुरू होगा ट्रायल
पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर बेहिसाब समपत्ति कमाने का आरोप है। इसकी जांच ईडी कर रही है। पीएमएलए एक्ट के तहत अब गायत्री का ट्रॉयल शुरू होगा।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत मुकदमा अगले महीने से शुरू होगा। दरअसल मुकदमा 12 जनवरी से शुरू होगा जब अभियोजन पक्ष पीएमएलए अधिनियम के तहत कई आरोपों का सामना कर रहे पूर्व मंत्री के खिलाफ अदालत में सबूत पेश करेगा। इससे पहले ईडी ने गायत्री के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
बेनामी सम्पत्तियों को लेकर चलेगा केस
सत्र न्यायाधीश संजय शंकर पांडे की अदालत, जो विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) भी हैं, ने हाल ही में पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार में पूर्व खनन मंत्री के खिलाफ आरोप तय किए थे। आरोप है कि प्रजापति ने बेहिसाब धन उत्पन्न किया था जिसे परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों द्वारा संचालित फर्मों के बैंक खातों में जमा किया गया था।
प्रमुख फर्मों में एमजीए कॉलोनाइजर्स कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, एमएजीएस एंटरप्राइजेज और गुरु नानक कोल्ड स्टोरेज शामिल हैं। ईडी ने 26 अक्टूबर, 2020 को प्रजापति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच में पूर्व मंत्री की कई संपत्तियां सामने आईं, जिनमें अमेठी, कानपुर, मोहनलालगंज (लखनऊ) और मुंबई के पास लोनावाला शामिल हैं, एजेंसी ने अदालत को सूचित किया।
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पांच साल से जेल में हैं प्रजापति
गौरतलब है कि प्रजापति पर एक महिला के साथ बलात्कार करने और उसके सहयोगियों के साथ उसकी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया था। पूर्व मंत्री को इस मामले में 15 मार्च 2017 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में हैं।
ईडी ने पीएमएलए के तहत की थी छापेमारी
इससे पहले ईडी ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत लखनऊ, कानपुर और अमेठी में सात स्थानों की तलाशी ली गई थी।
गायत्री पर लगा है दुष्कर्म का आरोप
कानपुर स्थित प्रजापति के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, अमेठी में "बेनामी धारकों" और राज्य की राजधानी लखनऊ में प्रजापति के घर और कार्यालय की तलाशी ली गई थी। पूर्व मंत्री सहित अन्य पर एक महिला से दुष्कर्म करने और उसकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप है।
सपा सरकार में मलाईदार विभागों में मंत्री रहे प्रजापति
प्रजापति को 15 मार्च, 2017 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और वर्तमान में उनका लखनऊ के केजीएमयू में विभिन्न बीमारियों का इलाज चल रहा है। ईडी कथित रूप से आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे प्रजापति की जांच कर रही है। ईडी की जांच अवैध बालू खनन मामले में पिछले साल सीबीआई द्वारा उनके और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई दो प्राथमिकियों से जुड़ी है।












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