'गन्ने की मिठास या जिन्ना की कड़वाहट'- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीएम योगी आदित्यनाथ का चुनावी तंज
नोएडा, 25 नवंबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम से भी विरोधियों पर चुनावी तंज कसने में कमी नहीं की। उन्होंने गन्ना या जिन्ना का विकल्प देकर खासकर समाजवादी पार्टी को पश्चिमी यूपी में ललकारने की कोशिश की है। उन्होंने कहा है कि देश के सामने दो ही विकल्प हैं। उसे गन्ने की मिठास चाहिए या जिन्ना वाला कड़वाहट और नफरत चाहिए। गौरतलब है कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को स्वतंत्रता सेनानियों के साथ गिनकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी को उसी की पिच पर बैटिंग थमा दी है और सीएम योगी आदित्यनाथ उसपर चौके-छक्के लगाने की कोई कोशिश नहीं छोड़ रहे हैं।

'गन्ने की मिठास या जिन्ना की कड़वाहट'
उत्तर प्रदेश के जेवर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एशिया के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखने से ठीक पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ना या जिन्ना का मुद्दा छेड़ कर फिजा में सियासत का तड़का लगा दिया। वो बोले कि जेवर उत्कृष्ट गन्ने के लिए जाना जाता है। 'लेकिन गन्ने की मिठास को कुछ लोगों ने कड़वाहट में बदल करके यहां पर दंगों की जो एक श्रृंखला खड़ी की थी.... आज देश के सामने दो विकल्प हैं। ये देश गन्ने की मिठास को एक नई उड़ान देगा या फिर जिन्ना के अनुयायियों से दंगा करवाने की शरारत करवाएगा, यही तय करने के लिए मैं आज स्वयं आपके बीच आया हूं।'

जिन्ना पर की गई टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से पहले देश को तोड़ने वाले पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का मुद्दा प्रदेश में खूब सुर्खियां बटोर लगा है। यह मुद्दा इस बार तब से तूल पकड़ चुका है जब सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने जिन्ना की तुलना राष्ट्र नायकों से कर दी थी। उन्होंने कहा था, 'सरदार पटेल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना एक ही संस्थान में पढ़े थे और बैरिस्टर बने थे। उन्होंने आजादी में मदद की थी और कभी भी संघर्ष से नहीं भागे थे।' जिन्ना पर उनकी यह टिप्पणी तूल पकड़ चुकी है, लेकिन अखिलेश इसे वापस लेने के लिए तैयार नहीं हैं। बता दें गन्ना बेल्ट को सहेजना भाजपा के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि किसान आंदोलन की वजह से इस क्षेत्र में पार्टी के खिलाफ माहौल होने की आशंका जताई जा रही है। इसलिए योगी ने गन्ना और जिन्ना का मुद्दा उठाया है, क्योंकि यह बीजेपी के लाइन के मुताबिक है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक जेवर एयर पोर्ट प्रोजेक्ट के निर्माण पर 15,000- 20,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। पहले फेज में ही करीब 10,050 करोड़ रुपये की लागत संभावित है। इस एयरपोर्ट पर दो टर्मिनल होंगे। पहले टर्मिनल की क्षमता सालाना 3 करोड़ यात्रियों की होगी और दूसरे टर्मिनल से हर साल 4 करोड़ यात्री आ-जा सकेंगे। मंत्रालय के मुताबिक टर्मिनल-1 और टर्मिनल-2 का निर्माण कुल चार चरणों में होगा। पहले चरण का काम 1,095 दिनों में पूरा होगा, जिसके लिए 29.9.2024 की तारीख पक्की है। पहले चरण का काम पूरा होने पर इस एयरपोर्ट से सालाना 1.2 करोड़ यात्री आ-जा सकेंगे।












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